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जयकारों के साथ विराजे वेदी पर शांतिनाथ : वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न


सिद्धी रेजीडेंसी में भगवान शांतिनाथ दिगंबर जिन बिम्ब जैन मंदिर वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न हुआ। वेदी पर शांतिनाथ जयकारों के साथ विराजे। शिखर पर कलश और ध्वजदंड की स्थापना हुई। इस अवसर पर जैन समाज के श्रावक-श्रद्धालुजन मौजूद रहे। सागवाड़ा से पढ़िए यह खबर…..


सागवाड़ा। नगर के डूंगरपुर रोड स्थित सिद्धि रेजीडेंसी आवासीय कॉलोनी के दिगंबर जैन समाज की ओर से रविवार को नवनिर्मित भगवान शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में नूतन वेदी पर जिन प्रतिमा स्थापना, मंदिर शिखर पर कलश तथा ध्वजादंड स्थापना के साथ तीन दिवसीय वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव मुनिश्री आज्ञा सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में हुआ। प्रतिष्ठाचार्य पंडित विनोद पगारिया विरल के तत्वावधान में अनेक श्रद्धालुओं की उपस्थिति जय जयकार ध्वनि के साथ संपन्न हुआ। महोत्सव के अंतिम दिन सुबह मुनि आज्ञा सागरजी महाराज, आर्यिका सुप्रज्ञाश्री माताजी संघ के सानिध्य में प्रतिष्ठाचार्य विनोद पगारिया के मंत्रोच्चारण के साथ मूलनायक शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा, आदिनाथ भगवान, वासुपूज्य भगवान, पारसनाथ भगवान की प्रतिमाओं पर इंद्र इंद्राणी समूह ने विविध द्रव्य पूरित कलशों से अभिषेक किया गया। वहीं सौधर्म इंद्र सतीश ममता शाह तथा डॉ. अनु, अतुल गिरिश शाह ने मुनिश्री आज्ञासागरजी महाराज के मंत्रोचारण के साथ विश्व शांति कामनार्थ शांति धारा की गई। मुनिश्री आज्ञा सागरजी महाराज का पाद प्रज्ञालन गिरिश शंकर लाल शाह आतरी ने किया। पिंटेश महिपाल शाह ने मुनि श्री को जिनवाणी भंेट की। नवदेवता पूजा, जिनवाणी सरस्वती पूजा के बाद तीर्थंकर केवली तथा गणधर हवन कुंड में प्रतिष्ठाचार्य पगारिया के मंत्रोच्चारण के साथ इंद्र इंद्राणी समूह की ओर से विश्व शांति कामनार्थ दंशाग धूप और घी की आहूतियां दी गईं। श्रीफल की पूर्णाहूति के बाद पुण्याहवाचन तथा जिनेंद्र भगवान की आरती उतारी गई। इसके बाद बैंडबाजों के साथ शोभायात्रा के साथ शांतिनाथ भगवान समेत सभी जिन बिम्बों को बोली धारक परिवार शिरोधार्य कर नवनिर्मित शांतिनाथ जिनालय लेकर आए। जहां पिंटेश महिपाल शाह द्वारा मंंिदर के द्वार का अनावरण किया। इसके बाद मुनि संघ सानिध्य में प्रतिष्ठाचार्य पगारिया के मंत्रोच्चारण के साथ नवनिर्मित संगमरमर की वेदी मंजुला देवी कन्हैयालाल नीलम, यतिन, चयनिका शाह पीठ द्वारा मूलनायक शांतिनाथ भगवान की 27 इंच की प्रतिमा विराजमान की गई। साथ ही जिनालय शिखर पर रंजना जयंतीलाल शाह, पायल, जयदीप, आंचल, भुवन लियाना परिवार ने शिखर कलश व ध्वजदंड की स्थापना की।

इन्होंने लिया प्रतिमा स्थापना लाभ

नवनिर्मित वेदी पर आदिनाथ भगवान की प्रतिमा मणीलाल नाथूलाल शाह सागवाडा , वासूपूज्य भगवान आकांक्षा कुलदीप जैन , शांतिनाथ भगवान विद्या देवी जैन जेठाणा, पारसनाथ भगवान कीर्ति पिन्टेश शाह, पदमावती माता विकास कोठारी बांसवाड़ा तथा क्षेत्रपाल प्रतिमा संकेत महिपाल शाह ने स्थापित की। साथ ही वेदी पर अष्ट मंगल, अष्ट प्रातिहार्य, जिनवाणी, पंचमेरु स्थापना के साथ प्रतिमा जी पर छत्र स्थापना की गई। कार्यक्रम में जयदीप जयंतीलाल शाह दीवड़ा ने आरती की। इस अवसर पर सागवाड़ा आतरी पाडवा डूंगरपुर पीठ बांसवाडा साबला उदयपुर समेत अनेक श्रद्धालु उपस्थित थे।

 जिनालय में प्रथम अभिषेक

प्रतिष्ठा महात्सव के समापन के बाद सोमवार को मुनि श्री आज्ञा सागरजी महाराज और आर्यिका सुप्रज्ञाश्री माताजी के मंत्रोच्चारण के साथ नीलम यतिन शाह पीठ ने प्रथम जलाभिषेक किया। इसके बाद विविध द्रव्य पूरित कलशों से पंचामृत अभिषेक किया गया। प्रथम शांतिधारा मंजुला देवी कन्हैयालाल हीरेन प्रियंका ने की।

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