इंदौर में मुनि श्री पूज्य सागर महाराज के सानिध्य में शनि अमावस्या पर अर्घ्य समर्पण कार्यक्रम हुआ। चौबीस तीर्थंकर व ग्रह-नक्षत्रों को अर्घ्य अर्पित किए गए। मुनि श्री ने नजर उतारने व ज्योतिष को संकट निवारण में सहायक बताया।
इंदौर । अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज के सानिध्य और निर्देशन में पूज्य वर्षायोग धर्म प्रभावना समिति द्वारा परिवहन नगर दिगंबर जैन मंदिर में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
समाज अध्यक्ष नवनीत जैन एवं श्रेष्ठी जैन ने बताया कि शनि अमावस्या के अवसर पर शनिग्रह के दुष्प्रभाव से मुक्ति के लिए चौबीस तीर्थंकर, यक्ष-यक्षिणी, ग्रह-नक्षत्र, राशि-तिथि तथा दसों दिशाओं को अर्घ्य समर्पित किए गए। काले वस्त्रों और विशेष सामग्रियों से नजर उतारी गई तथा दीपक द्वारा शांति विधान सम्पन्न हुआ।
मुनि श्री पूज्य सागर महाराज ने प्रवचन में कहा कि नजर उतराना और ज्योतिष साधन हमारे सांसारिक जीवन में आने वाले संकट और बाधाओं से रक्षा कर सकते हैं। इस प्रकार की आराधना में हम ग्रहों एवं संबंधित देवों का सम्मान कर उनसे धर्म प्रभावना और साधना मार्ग में सहयोग की प्रार्थना करते हैं।
कार्यक्रम में मुनि श्री का पाद प्रक्षालन, दीप प्रज्ज्वलन और शास्त्र भेंट का सौभाग्य आशी पिता प्रमोद जैन को प्राप्त हुआ।













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