राजस्थान सरकार ने विद्यार्थियों के मानसिक तनाव दूर करने व सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए विद्यालयों में श्रमण साधु-साध्वियों के प्रवचन और अर्ह ध्यान योग शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है। जैन समाज ने इस कदम का स्वागत किया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
जयपुर। राजस्थान सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और अभिनव पहल की है। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने और उनमें सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए विद्यालयों में चातुर्मास के दौरान श्रमण साधु-साध्वियों के प्रवचन एवं अर्ह ध्यान योग शिविर आयोजित किए जाएंगे।
इस निर्णय को लेकर जैन समाज ने सरकार का आभार व्यक्त किया है। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद के परम संरक्षक डॉ. जस्टिस नरेंद्र कुमार जैन ने कहा कि इस कदम से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, एकाग्रता और अनुशासन की भावना विकसित होगी। यह न केवल शिक्षा में सहायक होगा बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
श्रमण डॉ. पुष्पेन्द्र मुनि ने कहा कि विद्यार्थियों को श्रमण संस्कृति से जोड़ना और जीवन में सही मार्गदर्शन प्रदान करना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि ध्यान और योग के अभ्यास से बच्चों में मानसिक शांति और स्थिरता आएगी।
परिषद के अध्यक्ष जिनेंद्र जैन ने जताया आभार
परिषद के अध्यक्ष जिनेंद्र जैन ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, मुख्य सचिव सुधांश पंत, शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल और उप सचिव राजेश दत्त माथुर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक और दूरगामी परिणाम देने वाली है, जो विद्यार्थियों के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास में सहायक बनेगी।
राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद के संरक्षक अशोक बांठिया ने कहा कि जैन समाज के सभी श्रेष्ठी और चातुर्मास कमेटियां अपने-अपने जिलों में प्रशासन से संपर्क कर इन कार्यक्रमों को सफल बनाने का प्रयास करें।













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