रामगंजमंडी में आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज संघ के सानिध्य में दमदम कोलकाता निवासी संजय जैन सेठी ने 16 उपवास की कठिन साधना पूर्ण कर पारणा किया। गुरु कृपा और संघ के आशीर्वाद से उन्होंने इस तपस्या को निर्विघ्न पूर्ण बताया। पढ़िए अभिषेक जैन लुहाड़िया की रिपोर्ट…
रामगंजमंडी। आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज के सानिध्य में नगर में कई भक्तों ने विविध तप साधनाएं कीं। इसी क्रम में दमदम, कोलकाता निवासी 60 वर्षीय श्री संजय जैन सेठी ने 16 उपवास की कठोर साधना पूर्ण कर पारणा किया। वे पिछले एक माह से निरंतर गुरु चरणों में रहकर तन, मन और धन से समर्पित होकर साधना में लीन रहे।
संजय सेठी ने पूर्व में 2024 में आचार्य श्री के कोलकाता प्रवास पर दशलक्षण पर्व के दौरान 10 उपवास किए थे। उसी प्रेरणा से उन्होंने संकल्प लिया था कि आचार्य श्री जहां रहेंगे, वहीं रहकर वे 16 उपवास की तपस्या करेंगे। उनके अनुसार आचार्य श्री के सानिध्य ने इस कठिन तपस्या को उन्हें रूई जैसी सरल प्रतीत कराया।
साधना पूर्ण होने पर श्री सेठी ने कहा कि — “धर्म हमारी आत्मा को निर्मल और पावन बनाता है। 16 कारण पर्व धर्म का एक श्रेष्ठ रूप है, और आचार्य श्री के आशीर्वाद से यह साधना निर्विघ्न पूर्ण हुई।” उन्होंने इसे अलौकिक और अविस्मरणीय अनुभव बताया।
तपस्या आत्म कल्याण की ओर एक अमूल्य कदम
पूरे व्रतकाल में उनकी दिनचर्या ध्यान, अभिषेक, शांतिधारा, आहार देना, तत्त्वार्थसूत्र पठन और प्रतिक्रमण से परिपूर्ण रही। वे बोले कि यह समय उनके जीवन का सबसे अनमोल क्षण है। इस अवसर पर संरक्षक अजीत सेठी, अध्यक्ष दिलीप विनायका, उपाध्यक्ष चेतन बागड़िया, उपाध्यक्ष कमल लुहाड़िया, महामंत्री राजकुमार गंगवाल, मंत्री राजीव बाकलीवाल सहित समाजबंधुओं, उनकी बहन सारिका चांदवाड़ और बहनोई मनोज चांदवाड़ ने सहयोग प्रदान किया। धर्मपत्नी शोभा सेठी ने भी तपस्या पूर्ण कराने में विशेष भूमिका निभाई। उन्होंने अंत में कहा कि आचार्य श्री, संघ, ब्रह्मचारी भैयाजी, दीदियों और रामगंजमंडी समाज के हर सदस्य का आशीर्वाद उनके लिए संबल बना। उन्होंने भावुक होकर सभी का आभार प्रकट किया और तपस्या को आत्म कल्याण की ओर एक अमूल्य कदम बताया।













Add Comment