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जिन हाथों में थे कभी हथियार, उन्होंने थामा हथकरघा, क्योंकि

  • सागर जेल के हालात
  • 16 से 18 फरवरी तक होगा समवशरण विधान

सागर। सागर जेल के अंदर कुछ कैदी नारियल के गोले की चिटक के टुकड़े कर रहे हैं तो कुछ लौंग, धूप व अन्य पूजा सामग्री साफ कर रहे हैं, जेल के अंदर का यह दृश्य देखने पर चकित होना लाजिमी है क्योंकि इनमें कुछ कैदी तो संगीन अपराध में पकड़े गए थे। असल में जेल में आचार्य विद्यासागर महाराज के आशीर्वाद से एक महायज्ञ होने वाला है, जिसके लिए कैदी यहां पूजन सामग्री तैयार कर रहे हैं। यह आचार्य विद्यासागर की करुणा है कि हथियार वाले हाथों में उन्होंने हथकरघा थमा दिया। आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को सद्मार्ग पर चलाने की कोशिश कर रहे हैं। रेखा दीदी ने बताया सागर जेल के अन्दर 16 से 18 फरवरी तक होने वाले समवशरण विधान में जैन-जैनेत्तर- कैदी,सिपाही, आम-खास सभी  सम्मिलित हो रहे हैं इसमें शामिल होने वालों के वस्त्र यहीं के कैदियों की ओर से बनाए गए हैं और पूजन की सामग्री भी कैदियों की ओर से तैयार की जा रही है। सागर जेल हथकरघा की प्रथम वर्षगांठ पर संजीव भैया, अरुण भैया कटंगी के निर्देशन में श्री समवशरण विधान में प्रविष्टि दी जा सकती है। सकल दिगम्बर जैन समाज सागर के पुष्पेन्द्र जैन नैनधरा के अनुसार लोग शीघ्र ही इसके लिए प्रवृष्टि दे सकते हैं। 

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संपादक

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