ललितपुर के पार्श्वनाथ जैन अटामंदिर में आचार्य श्री निर्भयसागर महाराज ससंघ के सानिध्य में रक्षाबंधन विधान आयोजित हुआ। साधु-संत और धर्म-तीर्थ संस्कृति की रक्षा का संकल्प लेते हुए श्रावकों ने निर्वाण लाडू समर्पित किए। आचार्य श्री ने रक्षाबंधन पर्व का धार्मिक महत्व बताते हुए श्रावकों को मूलगुणों का पालन करने की प्रेरणा दी। अक्षय अलय की पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
ललितपुर। नगर के पार्श्वनाथ जैन अटामंदिर में जैन समाज ने साधु-संतों और धर्म-तीर्थ संस्कृति की रक्षा का संकल्प लेते हुए आचार्य श्री निर्भयसागर महाराज ससंघ के सानिध्य में रक्षाबंधन पर्व मनाया। इस अवसर पर रक्षा सूत्र बांधकर श्रावकों ने संकल्प लिया। धर्म सभा में आचार्य श्री ने बताया कि रक्षाबंधन पर्व का महत्व हस्तिनापुर में 700 जैन मुनियों की रक्षा की घटना से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि रक्षा के बिना सुख और जीवन अधूरा है, अतः सभी को एक-दूसरे की रक्षा का भाव रखना चाहिए।
प्रातःकाल प्रभु अभिषेक और शांतिधारा के साथ पं. संतोष जैन अमृत एवं ब्रह्मचारी ऋषभ जैन के मार्गदर्शन में रक्षाबंधन विधान सम्पन्न हुआ। विधान में सौधर्म इन्द्र अरविन्द जैन, अखिलेश जैन, कपूर चन्द्र जैन और राजकुमार जैन प्रमुख रहे। भगवान श्रेयांसनाथ का मोक्ष कल्याणक पूजन-अर्चन के साथ मनाया गया और निर्वाण लाडू भक्ति पूर्वक समर्पित किए गए। प्रथम लाडू समर्पण मंदिर प्रबंधक अजय जैन, मनोज जैन और प्रेमचन्द पंकज जैन ने किया।
रक्षासूत्र बांधकर देव-शास्त्र-गुरु की रक्षा का लिया संकल्प
धर्मसभा के प्रारम्भ में जैन पंचायत अध्यक्ष डॉ. अक्षय टड़या और महामंत्री आकाश जैन ने आचार्य श्री की पिच्छिका में रक्षासूत्र बांधकर देव-शास्त्र-गुरु की रक्षा का संकल्प लिया। सुबह नगर के विभिन्न जैन मंदिरों और निकटवर्ती तीर्थों में श्रद्धालुओं ने दर्शन कर रक्षा सूत्र बांधे। कार्यक्रम में समाज श्रेष्ठी शीलचंद अनोरा, कुशल चंद जैन, सनत जैन, राजेन्द्र जैन, पंकज जैन, अशोक जैन, मनीष जैन, विकास जैन सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।













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