श्री नसियाजी जिनालय में जैन मित्र मंडल के सामूहिक क्षमावाणी स्नेह मिलन समारोह रखा गया। इसमें मुनिश्री विलोकसागरजी महाराज ने कहा कि बुजुर्गों ने आपको बोलना, चलना सिखाया। जीवन में अच्छे बुरे की पहचान सिखाई। यहां तक कि आपका मल मूत्र भी साफ किया। ऐसे बुजुर्गों का सम्मान करना आप सभी का परम कर्तव्य है। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर…
मुरैना। बुजुर्गों ने आपको सच्चे देव शास्त्र गुरु से परिचय कराते हुए उनकी उपासना भक्ति और पूजन करना सिखाया। उन्हीं बुजुर्गों ने आपको बोलना, चलना सिखाया। जीवन में अच्छे बुरे की पहचान सिखाई। यहां तक कि आपका मल मूत्र भी साफ किया। ऐसे बुजुर्गों का सम्मान करना आप सभी का परम कर्तव्य है। यह उद्गार मुनिश्री विलोकसागरजी महाराज ने श्री नसियाजी जिनालय में जैन मित्र मंडल के सामूहिक क्षमावाणी स्नेह मिलन समारोह में सभा में व्यक्त किए। सोमवार को वार्षिक कलशाभिषेक के अवसर पर उन्होंने कहा कि सकल जैन समाज के सभी वयोवृद्धों का बहुमान कर जैन मित्र मंडल ने सभी के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। बुजुर्गों का यह सम्मान, उनका यह बहुमान केवल मंच तक सीमित नहीं रहना चाहिए। आज आप सभी को यह शपथ लेना चाहिए कि परिवार में, समाज में, पड़ोस में यानि कि सभी स्थानों पर हम बुजुर्गों के सम्मान और बहुमान के लिए बचनबद्ध रहेंगे। हम सभी बुजुर्गों का कभी भी अपमान नहीं करेंगे, उन्हें कठोर बचन नहीं बोलेंगे। जैन मित्र मण्डल के द्वारा आयोजित श्रद्धेय बुजुर्ग बंधुओं के बहुमान समारोह के लिए सभी बधाई एवं प्रशंसा के पात्र हैं। सभी को बहुत बहुत आशीर्वाद है।
इस अवसर पर मुनिश्री विबोधसागरजी महाराज ने कहा कि संगठन में ही शक्ति निहित होती है। सामंजस्य एकता और सूझबूझ से किया गया हर कार्य सफल होता है। बुजुर्गों के उपकार को, उनके ऋण को हम कभी भी चुका नहीं सकते। फिर भी आपने उनका बहुमान कर ये साबित कर दिया कि वाकई में आप उनके प्रति श्रद्धावान हैं। हमारे बुजुर्गों ने स्वयं कष्ट, परेशानियां झेलते हुए हमारे रास्ते के कांटों को साफ किया है। हमें जीवन पर्यंत उनका बहुमान करते रहना चाहिए। अपने माता-पिता या अन्य किसी भी बुजुर्ग व्यक्ति का दिल नहीं दुखाना चाहिए। उन सभी से सदैव आदर और सम्मान के साथ बर्ताव करना चाहिए। इस नेक कार्य के लिए जैन मित्र मंडल और उनके सहयोगी बधाई के पात्र हैं।
सामूहिक रूप में सभी ने की क्षमायाचना
जैन मित्र मंडल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सभी ने सामूहिक रूप से क्षमा याचना की। कार्यक्रम में प्रतिष्ठाचार्य संजय भैयाजी द्वारा मंगलाचरण, ओमप्रकाश जैन ट्रांसपोर्ट द्वारा ध्वजारोहण एवं विशंभरदयाल अनूप जैन भंडारी द्वारा मंच उदघाटन किया गया। समाज की प्रतिभाओं एवं नन्हें मुन्ने बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम का संचालन अनूप भंडारी द्वारा किया गया। समारोह में बतौर मुख्य अतिथि जैसवाल जैन सेवा न्यास के मंत्री रविन्द्र जैन (जमूसर वाले) भोपाल, जैसवाल जैन युवाजन दिल्ली के नवीन जैन पिंकी, चौधरी मोहित जैन चीकू, अजय जैन बॉबी, सीए अजय जैन, सुनील जैन, पवन जैन, गौरव जैन इंदौर, स्वागताध्यक्ष उद्यमी पवन जैन मुरैना, स्वागत मंत्री महेश जैन बंगाली मुरैना बाहर से आए हुए सभी अतिथि तथा सभी बुजुर्ग मंच पर विराजमान थे। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी राजेंद्र भंडारी (अतिशय क्षेत्र टिकटोली अध्यक्ष) ने की। स्वागताध्यक्ष पवन जैन मुरैना ने स्वागत भाषण दिया एवं एडवोकेट धर्मेंद्र जैन ने जैन मित्र मंडल की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
’जैन मित्र मंडल ने किया बुजुर्गों का बहुमान
जैन मित्र मण्डल द्वारा आयोजित सामूहिक क्षमावाणी स्नेह मिलन समारोह में 80 वर्ष से अधिक 31 सजातीय बुजुर्ग बंधुओं का बहुमान किया गया। सभी बुजुर्गों को ससम्मान मंचासीन कर सभी को स्वाफा बांधा गया। तिलक, श्रीफल, शाल, मणिमाला, प्रशस्ति पत्र देकर सभी बुजुर्गों का सम्मान किया गया। सम्मान की बेला में बुजुर्ग बंधुओं के चेहरे पर एक अदभुद मुस्कान को देखकर आयोजकगढ़ गदगद हो गए।
लकी ड्रॉ रहा आकर्षण केंद्र, प्रथम पुरस्कार में मिली स्कूटी
समारोह में लकी ड्रॉ आकर्षण का केंद्र रहा। उपहार कूपनों का लकी ड्रॉ किया गया। जिसमें प्रथम पुरस्कार चेरी अनिल जैन भंडारी को इलेक्ट्रिक स्कूटी, रज्जन जैन को द्वितीय पुरस्कार में फ्रिज एवं सूरज जैन को तृतीय पुरस्कार में एंड्रॉयड टीवी उपहार स्वरूप प्रदान की गई। इसके साथ साथ अन्य लोगों को भी विभिन्न पुरस्कारों का वितरण किया गया।
वार्षिक कलशाभिषेक का हुआ
जैन मित्र मण्डल के मुख्य संयोजक सतेंद्र जैन शिक्षक ने बताया कि मुनिश्री विलोकसागरजी एवं मुनिश्री विबोधसागरजी महाराज के सान्निध्य एवं प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी संजय भैयाजी के आचार्यत्व में श्री महावीर दिगंबर जैन नसियाजी जिनालय में वार्षिक कलशाभिषेक हुए। मंचासीन युगल मुनिराजों का पाद प्रक्षालन राजेंद्र भंडारी साकेत निकेत जैन भंडारी परिवार द्वारा किया गया। जिसमें प्रथम कलश से अभिषेक करने का सौभाग्य नीरज जैन मोनू, प्रथम शांतिधारा का सौभाग्य पदमचंद गौरव जैन चौटा परिवार एवं द्वितीय शांतिधारा का सौभाग्य राजेंद्र भंडारी, साकेत जैन भंडारी परिवार को प्राप्त हुआ। मुनिराजों के मुखारविंद से शांतिधारा का वाचन हुआ। समारोह में प्रतिष्ठाचार्य संजय भैयाजी द्वारा सभी कार्यक्रमों को विधिविधान एवं मंत्रोच्चारण के साथ सम्पन्न कराया। कलशाभिषेक के पश्चात सकल जैन समाज के लिए वात्सल्य भोज की व्यवस्था की गई थी।













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