झारखंड के पारसनाथ रेलवे स्टेशन पर जैन समाज के सैकड़ों लोगों ने “माधुरी हथिनी वापिस दो” जैसे नारों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। समाज ने सम्मेद शिखरजी की पवित्रता बनाए रखने की पुरज़ोर माँग उठाई। पढ़िए राजीव सिंघई मोनू की ख़ास रिपोर्ट…
पारसनाथ (झारखंड)। झारखंड स्थित पारसनाथ रेलवे स्टेशन पर शनिवार को एक बार फिर जैन समाज का जनसैलाब उमड़ पड़ा। धार्मिक भावनाओं और आस्था से जुड़ी मांगों को लेकर “माधुरी हथिनी वापिस दो”, और “अंबानी तुम शर्म करो” जैसे तीव्र नारे पूरे परिसर में गूंजते रहे।
यह प्रदर्शन श्री सम्मेद शिखरजी की धार्मिक पवित्रता और जैविक विविधता की रक्षा हेतु आयोजित किया गया था। हाल ही में माधुरी हथिनी को लेकर उत्पन्न घटनाक्रम ने समाज को व्यथित और आक्रोशित कर दिया है।
समाज के धार्मिक विश्वासों का अपमान
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि माधुरी हथिनी को भी जबरन हटाया गया, जो समाज के धार्मिक विश्वासों का अपमान है।
जैन समाज की मुख्य माँगें रहीं:
* माधुरी हथिनी को उसके मूल स्थान पर तुरंत वापस लाया जाए ।
प्रदर्शन में शामिल युवाओं और सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने माँगों पर शीघ्र कार्य नहीं किया, तो यह आंदोलन देशव्यापी रूप लेगा।













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