इंदौर में कुंदकुंद ज्ञानपीठ द्वारा संचालित प्राकृत विद्या अध्ययन केंद्र और सिरिभूवलय शोध एवं प्रशिक्षण केंद्र के तत्वावधान में प्राकृत भाषा प्रशिक्षण का नया सत्र 22 सितंबर को प्रारंभ होगा। इस अवसर पर सिरिभूवलय चक्रविवरणिका अनुभाग 1 का विमोचन भी किया जाएगा। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट…
इंदौर। दिगंबर जैन उदासीन आश्रम ट्रस्ट द्वारा संचालित कुंदकुंद ज्ञानपीठ के अंतर्गत प्राकृत विद्या अध्ययन केंद्र एवं सिरिभूवलय शोध एवं प्रशिक्षण केंद्र के द्वारा प्राकृत भाषा के प्रशिक्षण हेतु नवीन सत्र का शुभारंभ सोमवार, 22 सितंबर को संध्या 7:30 बजे किया जाएगा। यह आयोजन एमजी रोड स्थित कुंदकुंद ज्ञानपीठ के सभागृह में संपन्न होगा।
कार्यक्रम में सिरिभूवलय चक्रविवरणिका अनुभाग 1 का विमोचन भी किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के कुलगुरु प्रोफेसर राकेश सिंघई होंगे। विशिष्ट अतिथियों में प्रोफेसर नीरज जैन और प्रोफेसर रजनीश जैन शामिल होंगे। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू एवं पीठ के अध्यक्ष अमित कासलीवाल ने बताया कि यह कार्यक्रम धर्म, संस्कृति और मां जिनवाणी के प्रचार-प्रसार को समर्पित है। प्राकृत भाषा का अध्ययन जैन साहित्य, संस्कृति और परंपरा के गहन ज्ञान का मार्ग खोलता है।













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