आचार्य श्री अभिनंदन सागर महाराज जी से दीक्षित, आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज से शिक्षित अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज एवं क्षुल्लक श्री अनुश्रमण सागर जी महाराज का भव्य पिच्छी परिवर्तन समारोह स्मृति नगर स्थित मुनि सुव्रतनाथ दिगंबर जैन सर्वार्थ सिद्धि जिनालय के पुण्य प्रांगण में आगामी 10 दिसंबर को होगा। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…
इंदौर। आचार्य श्री अभिनंदन सागर महाराज जी से दीक्षित, आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज से शिक्षित अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज एवं क्षुल्लक श्री अनुश्रमण सागर जी महाराज का भव्य पिच्छी परिवर्तन समारोह स्मृति नगर स्थित मुनि सुव्रतनाथ दिगंबर जैन सर्वार्थ सिद्धि जिनालय के पुण्य प्रांगण में आगामी 10 दिसंबर को होगा। मुनि सुव्रतनाथ दिगंबर जैन कमेटी की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम की श्रृंखला की शुरुआत सुबह छह बजे से अभिषेक, शांतिधारा और नित्य नियम पूजा से होगी। इसके बाद पिच्छी परिवर्तन समारोह सुबह नौ बजे से शुरू होगा। कार्यक्रम में निर्देशन और मंच संचालन बाल ब्रह्मचारी तरुण भैया का रहेगा। इस मौके पर सकल जैन समाज के लोग उपस्थित रहेंगे।
दिगंबर साधु की पहचान है पिच्छी
दिगंबर साधु की पहचान मोर पंख की पिच्छी है। पिच्छी मोर द्वारा छोड़े गए पंखों से निर्मित है। यह इतनी मुलायम होती है कि इससे किसी जीव को हानि नहीं पहुंचती। संत की पिच्छी प्राप्त होना सौभाग्य की बात है। मोर ही अकेला एक ऐसा प्राणी है, जो ब्रह्मचर्य को धारण करता है।













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