चातुर्मास निष्ठापन होने के पश्चात आगामी रविवार को दोपहर एक बजे से ज्ञानतीर्थ जैन मंदिर में पिच्छिका परिवर्तन समारोह का आयोजन किया गया है। समारोह में ज्ञानतीर्थ में चातुर्मासरत सभी साधुओं को संयमी गुरुभक्त नवीन मोर पंख पिच्छिका प्रदान करेंगे। साथ ही साधुगण अपनी पुरानी पिच्छिका को किसी संयमी भक्त को देंगे। पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट…

मुरैना। चातुर्मास निष्ठापन के पश्चात ज्ञानतीर्थ जैन मंदिर में पिच्छिका परिवर्तन समारोह रविवार 19 नवंबर को होने जा रहा है। बाल ब्रह्मचारिणी बहिन अनीता दीदी ने बताया कि जैन साधु- साध्वियां अहिंसा धर्म के पालनार्थ मोर पंख की पिच्छिका रखते हैं। प्रतिवर्ष चातुर्मास के पश्चात पिच्छिका बदली जाती है। इस वर्ष पूज्य गुरुदेव सराकोद्धारक षष्ठ पट्टाचार्य ज्ञानसागर जी महाराज के परम शिष्य चर्या शिरोमणी सप्तम पट्टाचार्य ज्ञेयसागर महाराज, मुनिश्री ज्ञातसागर महाराज, मुनिश्री नियोगसागर महाराज, क्षुल्लक श्री सहजसागर महाराज का पावन वर्षायोग ज्ञानतीर्थ पर हुआ है। कार्तिक कृष्ण अमावस्या को चातुर्मास निष्ठापन होने के पश्चात आगामी रविवार को दोपहर एक बजे से ज्ञानतीर्थ जैन मंदिर में पिच्छिका परिवर्तन समारोह का आयोजन किया गया है। समारोह में ज्ञानतीर्थ में चातुर्मासरत सभी साधुओं को संयमी गुरुभक्त नवीन मोर पंख पिच्छिका प्रदान करेंगे। साथ ही साधुगण अपनी पुरानी पिच्छिका को किसी संयमी भक्त को देंगे। पिच्छिका परिवर्तन समारोह में सम्पूर्ण भारतवर्ष से सैकड़ों की संख्या में गुरुभक्त अपनी सहभागिता प्रदान करेंगे। ज्ञानतीर्थ कमेटी द्वारा सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। समारोह में आने वाले सभी आगंतुकों के आवास एवं भोजनादि की समुचित व्यवस्था की गई है। ज्ञानज्ञेय वर्षायोग समिति, ज्ञानतीर्थ महा आराधक परिवार एवं सकल जैन समाज मुरैना ने सभी गुरुभक्त सधर्मी बंधुओं से अधिकाधिक संख्या में कार्यक्रम में सम्मिलित होने की अपील की है ।













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