सनावद में 28 अगस्त से पर्युषण पर्व का शुभारंभ होगा। 10 दिनों तक मुनि श्री के सानिध्य में मंदिर में अभिषेक, पूजन, प्रवचन, तत्त्वार्थसूत्र क्लास, प्रतिक्रमण और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। 8 सितंबर को क्षमा वाणी पर्व मनाया जाएगा। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
सनावद में जैन समाज का सबसे महत्वपूर्ण पर्व पर्युषण 28 अगस्त से प्रारंभ हो रहा है। इस दौरान चतुर्मास रत युगल मुनि श्री विश्वसूर्य सागर जी व मुनि श्री साध्य सागर जी के सानिध्य में आचार्य शांतिसागर वर्धमान देशना संत निलय, बड़े मंदिर के सामने विशेष आयोजन होंगे। यह पर्व भाद्रपद शुक्ल पंचमी से लेकर 6 सितंबर चतुर्दशी तक मनाया जाएगा तथा 8 सितंबर को सामूहिक क्षमा वाणी पर्व होगा।
दस दिनों तक मंदिर में प्रतिदिन पंचामृत अभिषेक, संगीतमय पूजन, मुनिराज के प्रवचन, तत्त्वार्थसूत्र की क्लास, शाम को प्रतिक्रमण, भक्तिमय आरती, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं होंगी। पर्युषण पर्व का महत्व सत्य, अहिंसा, संयम और क्षमा जैसे मूल्यों को आत्मसात करना है। दसलक्षण धर्मों में क्षमा, मार्दव, आर्जव, सत्य, संयम, शौच, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य शामिल हैं। इस पर्व में आत्म साधना और धर्म की आराधना का विशेष महत्व है।













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