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प. बंगाल झारखंड उड़ीसा सराक क्षेत्र में भी पर्युषण की धूम : प्रतिभा सम्मान एवं क्षमा वाणी के साथ होगा समापन


आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज की प्रेरणा से आचार्य श्री ज्ञेयसागर जी महाराज, आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण माता जी, आर्यिका श्री आर्ष माताजी, आर्यिका श्री सुज्ञानमती माताजी के आशीर्वाद, ब्र.मंजुला दीदी, ब्र.मनीष भैया के निर्देशन में पश्चिम बंगाल, झारखंड, उड़ीसा के विभिन्न स्थानों पर पर्यूषण महापर्व पर धर्म प्रभावना हो रही है। पुरुलिया से पढ़िए, मनीष विद्यार्थी की यह खबर…


पुरुलिया प. बंगाल। आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज की प्रेरणा से आचार्य श्री ज्ञेयसागर जी महाराज, आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण माता जी, आर्यिका श्री आर्ष माताजी, आर्यिका श्री सुज्ञानमती माताजी के आशीर्वाद, ब्र.मंजुला दीदी, ब्र.मनीष भैया के निर्देशन में पश्चिम बंगाल, झारखंड, उड़ीसा के विभिन्न स्थानों पर पर्यूषण महापर्व पर धर्म प्रभावना हो रही है। पर्यूषण पर्व के प्रथम दिन उत्तम क्षमा धर्म पर सभी मंदिरों में नित्य नियम पूजन आरती, प्रवचन, सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। पर्युषण महापर्व 28 अगस्त से 6 सितंबर तक धर्म प्रभावना पूर्वक पश्चिम बंगाल, उड़ीसा,झारखंड के सराक क्षेत्र में होंगे। इस अवसर पर स्यादवाद महाविद्यालय वाराणसी, श्रमण ज्ञान भारती मथुरा, वर्णी संस्थान विकास सभा के विद्वानों द्वारा धर्म प्रभावना हो रही है।

सराक भाइयों के उत्थान के लिए कार्य जारी 

भारतीय जैन मिलन क्रमांक10 के क्षेत्रीय अध्यक्ष अरुण चंदेरिया, क्षेत्रीय कार्य अध्यक्ष संजय जैन शक्कर, संयोजक मनीष विद्यार्थी, राकेश जैन बमोरी सागर में रेलवे स्टेशन पर सराक क्षेत्र प्रभावना करने जा रहे विद्वानों को तिलक, टोपी लगाकर सम्मानित किया। सराक क्षेत्र में 1995 से निरंतर शीतकालीन, ग्रीष्मकालीन एवं पर्यूषण पर्व पर आयोजन से सतत हो रहा है। मुख्य संयोजक पं.मनीष शास्त्री विद्यार्थी सागर ने बताया कि आचार्य श्री ज्ञान सागर जी महाराज की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से पश्चिम बंगाल झारखंड उड़ीसा के लगभग 8 लाख सराक भाइयों के उत्थान के लिए कार्य चल रहा हैं।

25 विद्वानों द्वारा सभी मंदिर में धर्म प्रभावना hai होगी

कार्यक्रम की निर्देशक ब्र. मंजुला दीदी सम्मेद शिखर ने बताया कि पर्यूषण महापर्व के अवसर पर 25 विद्वानों द्वारा सभी मंदिर में धर्म प्रभावना होगी। सुबह से जिन मंदिरों में सामूहिक पूजन, दोपहर में क्लास, शाम को आरती, प्रवचन एवं अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम संपन्न होंगे। समापन के अवसर पर विद्यभावन छात्र-छात्राओं का सम्मान पाठशाला टीचर विद्वान सम्मान के साथ कार्यक्रम होगा। सहसंयोजक पंडित जयकुमार जैन दुर्ग, पं.राजकुमार जैन सागर स्थानीय संयोजक गौरांग जैन, रामदुलार जैन, सृष्टिधर जैन, डॉ प्रदीप जैन, शक्तिपथ, अनुज सराक जैन कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम में भारतवर्षीय दिगंबर जैन सराक ट्रस्ट दिल्ली एवं पश्चिम बंगाल झारखंड उड़ीसा स्थानीय सराक समिति धर्म प्रभावना कार्य कर रही है।

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