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गाजे-बाजे के साथ निकाला गया जुलूस : जैन मंदिर में दस दिवसीय उपवास के बाद हुआ पारणा


 निकटवर्ती श्री दिगंबर जैन मंदिर लार मे पर्युषण पर्व के तहत जैन समाज के आकाश जैन, अशोक जैन शिक्षक ने दस दिवसीय उपवास रखकर प्रभु भक्ति में अपना समय व्यतीत किया। इन श्रद्धालुओं का उपवास के बाद पारणा कराया गया। पढ़िए मुकेश जैन की रिपोर्ट…


 टीकमगढ़। निकटवर्ती श्री दिगंबर जैन मंदिर लार मे पर्युषण पर्व के तहत जैन समाज के आकाश जैन, अशोक जैन शिक्षक ने दस दिवसीय उपवास रखकर प्रभु भक्ति में अपना समय व्यतीत किया। इन श्रद्धालुओं का उपवास के बाद पारणा कराया गया। पंडित कमलकुमार शास्त्री ने कहा कि जिस प्रकार इन दस दिनों में धर्म को हमारे अंदर आत्मा में महसूस किया, उसी तरह पूरे साल धर्म का पालन करना चाहिए। उपवास से उतरने से पहले सभी तपस्वियों का समाज द्वारा अनुमोदना कर सम्मान किया गया।

जैन सुमति कला मंडल के प्रचार सचिव मुकेश जैन ने बताया कि बुधवार को आकाश जैन (अशोक जैन शिक्षक) का सकल जैन समाज के समक्ष जैन धर्मशाला स्थित जैन मंदिर प्रांगढ़ में दस दिवस के उपवास के बाद पारणा कराया गया। जैन मंदिर में आकाश जैन सिंघई परिवार ने शांतिधारा की। जैन समाज लार के समक्ष पारणा किया। इस अवसर नरेन्द्र जैन पुष्पेंद्र जैन विजय विशारद राजेश जैन दिनेश जैन शिक्षक मयंक जैन वीरेन्द्र जैन आदि मौजूद थे।दस दिवस का उपवास करने वाले आकाश जैन का बुधवार को गाजे-बाजे के साथ जुलूस निकाला गया।

जगह जगह स्वागत किया गया। परना के पश्चात आकाश जैन ने कहा कि उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम आर्जव, उत्तम शौच, उत्तम सत्य, उत्तय संयम, उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम अंकिचन और उत्तम ब्रम्हचार्य ये दस आभूषण हैं, उनमें रत्नत्रय के तीन रत्न लगे हुए हैं। इसलिए हमारे जीवन की विचारधाराओं को बदलना आवश्यक है।

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