समय और मौसम की अनूकूलता में तो कोई भी कार्य कर सकता है, जबकि प्रतिकूल परिस्थितियों में अपने कार्य को दृढ़तापूर्वक आगे बढाना इंसान की बहूत बड़ी परीक्षा मानी गई है। प्रतिकूलता में किया गया कार्य बहूत बड़े पुरुषार्थ को जन्म देता है। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट…
इंदौर। समय और मौसम की अनूकूलता में तो कोई भी कार्य कर सकता है, जबकि प्रतिकूल परिस्थितियों में अपने कार्य को दृढ़तापूर्वक आगे बढाना इंसान की बहूत बड़ी परीक्षा मानी गई है। प्रतिकूलता में किया गया कार्य बहूत बड़े पुरुषार्थ को जन्म देता है, बड़े-बड़े महापुरुषों ने भी जब भी कोई बड़ा कार्य किया है तो उनको भी विघ्न बाधाओं का ध्यान रखना पड़ा है उन विघ्न बाधाओं में भी अपने धैर्य अपनी दृणता का परिचय देकर अपने लक्ष्य को प्राप्त किया है।
यह विचार निर्यापक मुनि समतासागर महाराज ने धर्मनगरी बम्होरी में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि साफ-सुथरे रास्ते पर तो कोई भी चल सकता है, लेकिन ऊबड़ खाबड़ एवं पथरीले कांटे कंकर वाले रास्ते पर चलने वाले की ही परीक्षा होती है। परिस्थितयां कैसी भी निर्मित क्यों न हो जाएं दृढ़तापूर्वक उसी रास्ते पर आगे बढ़ने वाले को बहूत बड़े पुरुषार्थी के रुप में देखा जाता है।

बड़े-बड़े महापुरुषों ने जब कभी कोई जन कल्याण और लोक कल्याण का कार्य किया है तो उनको भी अपने धैर्य और दृढ़ता का परिचय देना पड़ा तभी उन्होंने वह उपलब्धि पाई। मुनि श्री ने कहा कि इंसान इंसान को तो नियंत्रित कर सकता है लेकिन प्रकृति को नहीं कर सकता। समय समय पर प्रकृति यह साबित कर देती है कि इंसान कितना भी आगे क्यों न बढ़ जाए उससे बड़ी प्रकृति है।
आंधी तूफान और ओलावृष्टि यह प्रकृति के स्वाभाविक परिणाम हैं। इंसान भले ही भेदभाव कर सकता है लेकिन प्रकृति किसी से भेदभाव नहीं करती। प्राकृतिक प्रकोप न हो, जनधन की हानि न हो इसी भावना से धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। लेकिन कल मध्यान्ह काल में बारिश ओला वृष्टि होकर तेज आंधी चली इससे न केवल फसल को नुकसान हुआ। बल्कि बड़े बड़े वृक्ष धाराशाई हो गए। इससे क्षेत्र के किसानों को भी बहूत बड़ा नुकसान हुआ है।
पंचकल्याणक महामहोत्सव के मंच पांडाल पूरा क्षतिग्रस्त होकर पानी से भर गया। इस कारण से आयोजन की तिथि को आगे बढ़ाना भी जरूरी है। समयानुसार आगे की तिथि घोषित की जाएगी। प्रवक्ता अविनाश जैन ने बताया प्राकृतिक प्रकोप के कारण 19 मई से 25 मई तक होने वाले पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव को आगामी तिथि तक स्थगित किए जाते हैं। आज मुनिसंघ के दर्शनार्थ एवं आशीर्वाद लेने पूर्व जस्टिस अभय गोयल एवं शरद जैन भोपाल से पधारे एवं मुनिसंघ का आशीर्वाद ग्रहण किया।













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