श्री विशुद्ध सागरजी के पट्टाचार्य पदारोहण के उपलक्ष्य में सु-विशुद्ध राष्ट्रीय निबंध लेखन प्रतियोगिता-2025 का आयोजन उत्कर्ष समूह भारत के तत्वावधान में किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता तीन आयु वर्ग समूहों में आयोजित की जा रही है। इसमें एक लाख रूपये के पुरस्कार की राशि रखी गई है। जो विजेता प्रतियोगियों में वितरित की जाएगी। इसकी नियमावली भी साथ में दी जा रही हैं। पढ़िए डॉ. सुनील जैन संचय से ललितपुर की यह पूरी खबर…
ललितपुर। श्रमणाचार्य श्री विशुद्ध सागरजी महाराज के पट्टाचार्य पदारोहण के उपलक्ष्य में सु-विशुद्ध राष्ट्रीय निबंध लेखन प्रतियोगिता-2025 का आयोजन परम पूज्य विशुद्धरत्न मुनिश्री सुप्रभ सागरजी महाराज, परम पूज्य श्रमणरत्न मुनिश्री प्रणत सागरजी महाराज की प्रेरणा से उत्कर्ष समूह, भारत के तत्वावधान में किया जा रहा है। प्रतियोगिता के संयोजक डॉ. सुनील जैन संचय, ललितपुर ने बताया कि निबंध जमा करने की अंतिम तिथि 10 मार्च 2025 है। प्रतियोगिता के परिणाम की तिथि 31 मार्च, 2025 है। इस प्रतियोगिता में तीन आयु वर्गों में एक लाख के पुरस्कार वितरित किए जाएंगे।
विषय इस प्रकार रहेंगे -सुप्रभ युवा समूह (आयुवर्ग 15 से 30 वर्ष)
1. युवा आदर्श श्रमणाचार्य श्री विशुद्ध सागरजी महाराज।
2. चर्याशिरोमणि आचार्य श्री विशुद्ध सागरजी महाराज।
3. श्रेष्ठ गुरु, आदर्श शिष्य श्रमणाचार्य श्री विशुद्ध सागरजी महाराज।
4. वात्सल्य महोदधि आचार्य श्री विशुद्ध सागरजी महाराज।
5. जिनदेव आराधक श्रमणाचार्य श्री विशुद्ध सागरजी महाराज।
गणाचार्य श्री विराग गुरु समूह (आयुवर्ग 31 से 45 वर्ष)-
1. स्वाध्याय परंपरा के कुशल संवाहक श्रमणाचार्य श्री विशुद्ध सागरजी महाराज।
2. आचार्य श्री विशुद्ध सागरजी महाराज का श्रमण संस्कृति के लिए अवदान।
3. चुम्बकीय व्यक्तित्व आचार्य श्री विशुद्ध सागरजी महाराज।
4. अध्यात्म के सरोवर आचार्य श्री विशुद्ध सागरजी महाराज।
5. गणाचार्य श्री विराग सागरजी महाराज और उनके पट्ट के सुयोग्य उत्तराधिकारी श्रमणाचार्य श्री विशुद्ध सागरजी महाराज।
वात्सल्य रत्नाकर समूह- (आयुवर्ग 46 से अधिक सभी)
1. श्रेष्ठ देशनाकार आचार्य श्री विशुद्ध सागरजी महाराज का साहित्यिक अवदान।
2. चतुर्दिक तीर्थवंदना करपात्री और पदयात्री श्रमणाचार्य श्री विशुद्ध सागरजी महाराज।
3. पंचकल्याणक प्रतिष्ठाएं, निष्पृही साधक, अध्यात्मयोगी आचार्य श्री विशुद्ध सागरजी महाराज द्वारा।
4. वात्सल्य महोदधि श्रमणाचार्य श्री विशुद्ध सागरजी महाराज का विद्वत् वात्सल्य एवं विद्वत्संगोष्ठियां।
5. गणाचार्य श्री विराग गुरु के ज्येष्ठ शिष्य श्रमणाचार्य श्री विशुद्ध सागरजी महाराज की आदर्श दिनचर्या।
प्रतियोगिता की नियमावली:-
* निबंध लेखन 800 से 900 शब्दों में मौलिक होना चाहिए। निबंध के साथ मौलिकता का प्रमाण-पत्र भी संलग्न करें।
* निबंध कंप्यूटराइज्ड टाइप्ड हो तो ज्यादा अच्छा है। हस्तलिपि में हो तो ए-4 साइज के पेपर पर सुंदर व स्पष्ट लिखावट में होना चाहिए।
* निबंध ऑनलाइन ही जमा होंगे। निबंध आपको पीडीएफ फॉर्मेट में जमा करना होंगे।
* प्रतियोगी के निबंधों को आयोजन समिति द्वारा कहीं भी प्रकाशन/प्रचार-प्रसार के लिए उपयोग में लाए जा सकते हैं।
* प्रतियोगिता के नियमों आदि में संशोधन आदि के लिए आयोजन समिति का निर्णय सर्वमान्य होगा।
* प्रतियोगिता में स्थान प्राप्त करने वाले प्रतियोगियों को आयु की प्रमाणिकता हेतु प्रमाण-पत्र अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा।
* किसी भी प्रकार का वाद-विवाद स्वीकार नहीं किया जायेगा। आयोजन समिति का निर्णय अंतिम और सर्वमान्य होगा।
* प्रत्येक आयु वर्ग में दिए गए विषयों में से किसी एक विषय पर निबंध लिखना है।
* निबंध हमारे व्हाट्सएप पर पीडीएफ में भिजवाए। बिना पीडीएफ के निबंध स्वीकार नहीं किए जायेंगे।
* प्रतियोगी निबंध के साथ अलग से एक पन्ने पर आयु वर्ग, अपना नाम, पता, मोबाइल नम्बर आदि स्पष्ट रूप से लिखकर भेजें।
* निबंध प्रतियोगिता का पुरस्कार समर्पण समारोह परम पूज्य मुनिश्री सुप्रभ सागरजी महाराज ससंघ के सान्निध्य में आयोजित होगा जिसकी सूचना आपको निर्धारित समय पर दे दी जायेगी।
निबंध प्रतियोगिता में भाग लेना पूर्णत निःशुल्क है।
किसी भी प्रकार की जानकारी हेतु संपर्क करें।
संयोजक – डॉ. सुनील जैन संचय, ललितपुर 97938-21108
समन्वयक – राजेन्द्र, महावीर, सनावद
निबंध जमा करने हेतु व्हाट्सएप नंबर – 97938 21108













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