आचार्य श्री देश भूषण जी महाराज की प्रेरणा से प्रसिद्ध अतिशय क्षेत्र चूलगिरि पर रविवार को स्वस्ति धाम प्रणेता गणिनी आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी रचित शांति विधान का भक्ति भाव के साथ आयोजन हुआ। शांति नाथ की प्रतिमा लाकर पांडुक शिला पर विराजित किया गया। अभिषेक और शांतिधारा की गई। जयपुर से पढ़िए, यह खबर…
जयपुर। आचार्य श्री देश भूषण जी महाराज की प्रेरणा से प्रसिद्ध अतिशय क्षेत्र चूलगिरि पर रविवार को गणिनी आर्यिका स्वस्ति धाम प्रणेता स्वस्ति भूषण माताजी रचित शांति विधान का भक्ति भाव के साथ आयोजन हुआ। श्रेष्ठी पदम जैन बिलाला ने बताया कि इससे पूर्व शांति नाथ की प्रतिमा को लाकर श्रेष्ठी सौभागमल पाटनी द्वारा पांडुक शिला पर विराजित किया गया तथा अभिषेक व विश्व शांति हेतु बीजाक्षर युक्त शांतिधारा अशोक,पदम, कमलेश जैन बंथली वाला परिवार द्वारा की गई। विधानाचार्य शिखरचंद किरण जैन द्वारा विधान की भावना को भावार्थ के साथ समझाते हुए कराया गया।
विधान मंडल पर एक-एक अर्घ्य पूजार्थियों द्वारा संगीतमय भक्ति के साथ समर्पित किया गया। विधान में टोंक, निवाई, सोडा, चंदलाई, जनकपुरी, झोटवाड़ा, दुर्गापुरा, महावीर नगर, कीर्ति नगर, प्रताप नगर, ज्योतिनगर आदि कई स्थानों के श्रावकों की सहभागिता रही। विधान के मध्य कलकत्ता से आए गायक संजय पाटनी द्वारा प्रस्तुत भक्ति गीतों पर श्रोता झूम उठे।













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