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एक दिन पहले क्षुल्लक पूज्य सागर जी की मुनि दीक्षा: संल्लेखना के साथ गुरुवार को हुआ समाधि मरण 


 क्षुल्लक पूज्य सागर जी महाराज को मुनि दीक्षा प्रदान कर मुनि श्री का नाम पूज्य तीर्थ सागर जी महाराज रखा गया। मुनि दीक्षा के संपूर्ण संस्कार आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज ने दिए। गुरुवार को उनका समाधि मरण हो गया। वे संल्लेखनारत साधना में थे। पारंपरिक रूप से उनका डोला निकाला गया। उज्जैन से पढ़िए, यह खबर…


उज्जैन। श्री महावीर तपोभूमि पर बुधवार को आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज के सानिध्य में क्षुल्लक श्री पूज्य सागर जी की भव्य मुनि दीक्षा दोपहर 2.30 बजे हुई। आचार्यश्री प्रज्ञा सागर जी के साथ पूज्य सागर जी 2005 से संघ में सम्मिलित हैं और लगातार इतने वर्षों तक एक साथ हर समय आचार्य श्री के साथ रहे हैं। अभी उनके द्वारा संल्लेखना भी धारण कर रखी है। इसी दौरान संपूर्ण होशोहवास में क्षुल्लक पूज्य सागर जी ने आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज को अपनी मुनि दीक्षा के विषय में निवेदन किया और आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज ने अपने आचार्य एवं विद्वानों से पूछकर दोपहर 2.30 बजे दीक्षा का मुहूर्त निकाला। संपूर्ण संघ के साथ तपोभूमि पर मुनि दीक्षा का यह कार्यक्रम हुआ।

जैनेश्वरी दीक्षा के बाद सुबह समाधि मरण, डोला निकाला 

आचार्य श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज जी के कर कमलों से पूज्य क्षुल्लक पूज्य सागर जी महाराज’ को मुनि दीक्षा बुधवार को दोपहर 2.30,बजे प्रदान की गई। जिसमें कई लोग सम्मिलित हुए। समाज सचिव मीडिया प्रभारी सचिन कासलीवाल ने बताया कि आचार्य प्रज्ञा सागर जी ने क्षुल्लक पूज्य सागर जी महाराज’ को मुनि दीक्षा सभी संस्कार देते हुए बाद उनका नाम क्षुल्लक पूज्यसागर जी से मुनि श्री पूज्य तीर्थ सागर जी रखा गया एवं उनका नई पिच्छी और कमंडल प्रदान किया गया। पुरानी पिच्छी उनके परिवार वालों को ही दी गई। मुनि दीक्षा के बाद सभी समाज जनों ने मुनि श्री पूज्य तीर्थ सागर जी महाराज की जय कारों के नारे लगाए एवं उनसे आशीर्वाद लिया। वैसे तो उनकी संल्लेखना चल रही थी और गुरुवार को सुबह उनका समाधि मरण हो गया। जैन धर्म में यम संल्लेखना सबसे कठिन संल्लेखना मानी जाती है। जिसको धारण करना बहुत मुश्किल होता है लेकिन, इस सल्लेखना को सबसे पवित्र संल्लेखना भी माना जाता है। कार्यक्रम में विशेष रूप से सुबह से ही राजेंद्र लुहाड़िया, सचिन कासलीवाल, विनी भौतिक जैन, विमल जैन,सुशीला कासलीवाल, देवेंद्र सिंघाई आदि सैकड़ो लोग मौजूद थे। आज सुबह मुनिश्री का समाधि मरण के बाद उनका डोला निकाला गया। जिसमें सैकड़ों समाज जन के साथ साथ संस्थापक अध्यक्ष अशोक जैन चायवाला, अध्यक्ष दिनेश जैन (सुपर फार्मा),सचिव संजय बड़जात्या,कोषाध्यक्ष देवेंद्र सिघंई, कार्याध्यक्ष इंदरमल जैन, उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र सेठी, सहसचिव हितेष जैन, सह कोषाध्यक्ष गिरीश बिलाला, ग्रंथालय प्रभारी अनिल कासलीवाल, मंदिर व्यवस्था प्रभारी विमल जैन, अनिल जैन, संरक्षक कमल मोदी, पवन बोहरा सुनील जैन (ट्रांसपोर्ट) एवं प्रज्ञा कला मंच अध्यक्ष निशि जैन, सचिव रश्मि सेठी, प्रज्ञा युवा मंच अध्यक्ष पलाश लुहाड़िया, सचिव निखिल विनायक, प्रज्ञा पुष्प मंच अध्यक्ष अवनी जैन, सचिव तनिषा जैन प्रज्ञा बाल मंच अध्यक्ष काव्य सेठी, सचिव आराध्य जैन, तपोभूमि परिवार उपस्थित रहे।

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