समाचार

मुनिश्री विरंजन सागर ने कहा प्रभु दर्शन से ही निज दर्शन होते हैं: छत्रपति संभाजी नगर जा रहा है मुनिश्री संघ


उपाध्याय मुनिश्री विरंजन सागर का ससंघ मंगलवार को नगर में मंगल प्रवेश हुआ। मुनिश्री विरंजन सागर महाराज ससंघ छत्रपति संभाजी नगर जा रहे हैं। मुनि श्री ने अपनी प्रवचन माला में बताया कि आप सौभाग्यशाली हैं, जो प्रतिदिन जिनेंद्र भगवान के दर्शन कर पाते हैं। बेड़िया से पढ़िए, सन्मति जैन काका की यह खबर…


बेड़िया। आगामी माह में चौमासा प्रारंभ होने वाला है। जैन संतों का पद विहार कर गंतव्य तक पहुंचने का क्रम जारी है। समाज के सौरभ जैन एवं रोमित शाह ने बताया कि पट्टाचार्य महा महोत्सव सुमतिधाम इंदौर में संपन्न होने के बाद पद विहार करते हुए गणाचार्य विराग सागर जी महाराज के शिष्य उपाध्याय मुनिश्री विरंजन सागर महाराज ससंघ छत्रपति संभाजी नगर जा रहे हैं।

उपाध्याय के श्री संघ में तीन मुनिश्री एवं एक क्षुल्लक जी का मंगलवार को नगर में मंगल प्रवेश हुआ। मुनि श्री ने अपनी प्रवचन माला में बताया कि आप सौभाग्यशाली हैं, जो प्रतिदिन जिनेंद्र भगवान के दर्शन कर पाते हैं और जिनेंद्र देव की वाणी सुन पाते हैं क्योंकि, प्रभु दर्शन से ही निज दर्शन होते हैं। धन वैभव सभी पुण्य से ही प्राप्त होते हैं। इसलिए प्रतिदिन स्वाध्याय करने का नियम बनाना चाहिए। तभी आप पुण्यशाली जीव बन सकते हैं आज की आहारचार्य चेलना अतुल जैन और कविता जैन, देवेंद्र जैन के यहां संपन्न हुई।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
2
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

You cannot copy content of this page