आचार्यश्री विशुद्धसागरजी के शिष्य मुनिश्री सारस्वत सागर जी, मुनिश्री जयंत सागर जी, मुनिश्री सिद्ध सागर जी और क्षुल्लक श्री श्रुतसागर जी कस्बे डिग्रज में विराजमान हैं। 26 जून को मुनिश्री सारस्वत सागर जी ससंघ का सिद्धक्षेत्र कुंडल में मंगल प्रवेश हुआ। मुनिराजों ने शाम को रेत से निर्मित अतिशयकरी प्रतिमा के दर्शन करके नवग्रह मंदिर में रात्रि विश्राम किया। इसके अगले दिन कुंडल के पर्वत की वंदना की। नांद्रे से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटील की यह खबर…
नांद्रे। आचार्यश्री विशुद्धसागरजी के शिष्य मुनिश्री सारस्वत सागर जी, मुनिश्री जयंत सागर जी, मुनिश्री सिद्ध सागर जी और क्षुल्लक श्री श्रुतसागर महाराज जी कस्बे डिग्रज में विराजमान हैं। नांद्रे के विनय पाचोरे ने बताया कि 26 जून 2025 को मुनिश्री सारस्वत सागर जी ससंघ का सिद्धक्षेत्र कुंडल में मंगल प्रवेश हुआ। मुनिराजों ने शाम को रेत से निर्मित अतिशयकरी प्रतिमा के दर्शन करके नवग्रह मंदिर में रात्रि विश्राम किया। 27 जून सुबह मुनिश्री सारस्वत सागर जी ससंघ ने प्राचीन तीर्थ क्षेत्र कुंडल पहाड़ की वंदना की। यहां पर झरी पार्श्वनाथ जी का मंदिर है। जिसमें अति मनोहर प्रतिमा विराजमान है।मुनिश्री सारस्वत सागर जी ससंघ ने गिरी पर्वत के भी दर्शन किए। मुनि श्री सारस्वत सागर महाराज जी ने नवग्रह मंदिर में प्रवचन दिए। इसमें युवाओं को पंच इंद्रिय, कषाय और गति के बारे में बताया। कुंडल में भगवान पार्श्वनाथ जी और भगवान महावीर स्वामी जी का समवशरण आया था। यहां उनकी दिव्य देशना खिरी थी। यहां कुंडल तीर्थ पर्वत का अनुपम नजारा है।
कुंडल से बुर्ली की किया विहार
मुनियों ने कुंडल से बुर्ली की ओर विहार किया। बुर्ली में अपने प्रवचन में मुनिश्री सारस्वत सागर जी ने कहा कि विचारों को बदलो विचारों को सम्यक करो तो आपको क्रिया बदलने की जरूरत नहीं है। क्रिया स्वतः बदल जाती है। इस अवसर पर श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर के अध्यक्ष जिनेश्वर पाटील, सेक्रेटरी सुधीर चौधरी, अनिल पाचोरे, एनजे पाटील, सुधीर भोरे, मनोज पाटील, शुभम पाचोरे, सुहास पाचोरे, सुदर्शन पाटील, सतिश पाटील (पोपट पाटील), सोनु उपाध्ये, दादा साहेब पाटील(इंगळे ),सूरज पाचोरे, निखिल पाटील,विनय पाचोरे, नवीनकुमार पाटील, प्रज्जवल पाटील, अभय सकळे, गुलाब मुजावर सहित भगवान महावीर जैन मंदिर कमेटी और पूजा महा महोत्सव कमेटी, वीर सेवा दल नांद्रे, वीर महिला मंडळ, पार्श्व महिला परिषद, जैन युवा मंच के युवा पदाधिकारी, प्रभावणा समिति के कार्यकर्ता नांद्रे के सभी श्रावक-श्राविका मुनिराजों का इंदौर से नांद्रे तक विहार और 2025 के चातुर्मास को सफल बनाने के लिए तत्पर हैं।













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