नगर में पिछले 8 दनों निरंतर धर्म की गंगा प्रवाहित कर रहे अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज का मंगल विहार गुरुवार प्रातः सनावद से इंदौर की ओर हुआ। श्री दिगंबर जैन पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर के हॉल में विराजमान अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज पिछले एक माह से निमाड़ प्रवास पर थे। सनावद से पढ़िए, सन्मति जैन काका की खबर…
सनावद। नगर में पिछले 8 दनों निरंतर धर्म की गंगा प्रवाहित कर रहे अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज का मंगल विहार गुरुवार प्रातः सनावद से इंदौर की ओर हुआ। श्री दिगंबर जैन पार्श्वनाथ बड़ा मंदिर के हॉल में विराजमान अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज पिछले एक माह से निमाड़ प्रवास पर थे। जैसा कि सभी को ये ज्ञात है कि अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज का जन्म पिपलगोन ग्राम हुआ है। आज प्रातः मंगल बेला में श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में श्री जी कीे अभिषेक शांति धारा संपन्न करवाने के बाद आप का मंगल विहार इंदौर की ओर हुआ।
मुनिश्री सनावद से इंदौर तक संस्कार पदयात्रा के रूप में मंगल विहार कर रहे हैं। जिसमें आप के साथ तक़रीबन 51 लोग पद विहार कर रहे हैं। आपके द्वारा इस संस्कार पदयात्रा में पद विहार के साथ यह भी समझाया जाएगा कि परिवार के साथ मधुर और संतुलित संबंध कैसे बनाएं रखे। संस्कार यात्रा में हम अपनी सांस्कृतिक विरासत से कैसे जुडं़े
अपने पूर्वजों की परंपराओं और मूल्यों को समझने में मदद करेगी। इस यात्रा का उद्देश्य सामाजिक एकता को बढ़ावा देना और समुदाय के लोगों को एकजुट रखना है।
इस यात्रा में अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायता करेगी। यह यात्रा 19 से 23 जून तक होगी। इस अवसर पर गुरुवार की आहार चर्या बड़वाह में सोनम सुधर्मकुमार के यहां संपन्न हुई। इस यात्रा में सनावद, बेड़ियां, पिपलगोन, मंडलेश्वर, बड़वाह, इंदौर सहित अनेक शहरों से लोग जुड़कर मंगल पद विहार कर रहे हैं।













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