संत शिरोमणि आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य निर्यापक श्रमण मुनिपुंगवश्री सुधासागर जी महाराज एवं क्षुल्लक श्री गम्भीरसागर जी महाराज ससंघ का 30 दिसम्बर को रुनकता स्थित आगरा-मथुरा नेशनल हाईवे पर प्रस्तावित लोकोदय तीर्थक्षेत्र भूमि पर भव्य शोभायात्रा यात्रा के साथ प्रथम बार मंगल प्रवेश हुआ। पढ़िए शुभम जैन की विशेष रिपोर्ट…
आगरा। संत शिरोमणि आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य निर्यापक श्रमण मुनिपुंगवश्री सुधासागर जी महाराज एवं क्षुल्लक श्री गम्भीरसागर जी महाराज ससंघ का 30 दिसम्बर को रुनकता स्थित आगरा-मथुरा नेशनल हाईवे पर प्रस्तावित लोकोदय तीर्थक्षेत्र भूमि पर भव्य शोभायात्रा यात्रा के साथ प्रथम बार मंगल प्रवेश हुआ। मुनिसंघ का मंगल विहार दोपहर 2:00 बजे रुनकता स्थित सूरज गोविन्द स्कूल से भव्य शोभायात्रा के साथ शुरू हुआ, जो नेशनल हाइवे होते हुए निर्माणाधीन नवीन तीर्थ लोकोदय तीर्थक्षेत्र की भूमि पर पहुंचा। मुनिसंघ की मंगल प्रवेश शोभायात्रा में समस्त आगरा शैलियों की महिलाएं अपने मण्डलों के साथ अपने सिर पर मंंगल कलश रखकर चल रहीं थीं तो वहीं हजारों की संख्या में गुरुभक्त अपने हाथों में जैन ध्वज एवं जयकारे लगाते हुए चले रहे थे। इसके बाद मुनिसंघ के श्रीचरण निर्माणाधीन नवीन तीर्थ लोकोदय तीर्थक्षेत्र भूमि पर पडे़, जहां गुरुवर ने सभी भक्तों को मंगल आशीर्वाद दिया। इसके बाद मुनिश्री सुधा सागर जी महाराज का शाम 5:30 से 6:30 तक जिज्ञासा समाधान कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमे भक्तों ने अपनी जिज्ञासा का गुरुवर से समाधान कराया। इस दौरान जिज्ञासा समाधान में आए हुए हजारों की संख्या में गुरुभक्तों ने मुनिपुंगव की मंगल आरती की। जिज्ञासा समाधान का संचालन मनोज जैन बाकलीवाल ने किया।
24 समवशरण में होगी पूजा
तीर्थचक्रवर्ती जगत पूज्य निर्यापक श्रमण मुनिपुंगवश्री 108 सुधासागर जी महाराज की पावन प्रेरणा से उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी आगरा के रैपुरा जाट, रुनकता में ऐतिहासिक एवं अद्वितीय जैन तीर्थ स्थल लोकोदय महातीर्थ का भव्यातिभव्य निर्माण होने जा रहा है। इस महातीर्थ के निर्माण के पश्चात आगरा को किसी लौकिक धरोहर से नहीं बल्कि इस अलौकिक धरोहर से पहचाना जाएगा। इसी परिप्रेक्ष्य में 1 से 7 जनवरी, 2024 के मध्य नवीन तीर्थ लोकोदय तीर्थक्षेत्र का भूमि शिलान्यास समारोह एवं 1008 माण्ड़ले पर श्री कल्पद्रुम महामण्डल विधान ‘लोकोदय महातीर्थ महामहोत्सव का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इस विधान में चौबीस समवशरण बनेंगे, जिसमें चौबीस परिवार द्वारा भगवान की पूजा-अर्चना की जाएगी। इस नवीन तीर्थ के भूमि शिलान्यास में जैनों के सबसे बड़े तीर्थ श्री सम्मेदशिखर जी की पावन टोंको की माटी के 1008 कलशों के साथ नन्द्राव्रत की स्थापना की जाएगी। जिसमें अन्तिम दिन 7 जनवरी को मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ससंघ का पिच्छी परिवर्तन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। बताते चलें कि लोकोदय तीर्थ लगभग 100 बीघा जमीन पर बनने जा रहा है, जिसमें 24 तीर्थंकर के 24 पाषाण के जिनालय और एक सहस़्त्रकूट जिनालय के साथ हाॅस्पिटल, काॅलेज, धर्मशाला आदि का निर्माण किया जाएगा।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर प्रदीप जैन पीएसी, निर्मल मौठया, नीरज जैन जिनवाणी चैनल, पंकज जैन सीटीवी, हीरालाल बैनाड़ा, पन्नालाल बैनाड़ा, अमित जैन बॉबी, जगदीश प्रसाद जैन, विवेक बैनाड़ा, राजेश बैनाड़ा, रूपेश जैन चांदीवाले, मीडिया प्रभारी शुभम जैन, राहुल जैन, अनिल जैन शास्त्री, दिलीप जैन, अनिल जैन रईस, नरेश जैन, यतीन्द्र जैन सहित समस्त आगरा सकल जैन समाज एवं बाहरे से पधारे गुरुभक्त बड़ी संख्या में मौजूद रहे।













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