लोनारा/खरगोन के पोरवाड़ समाज के अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज ने इंदौर में आयोजित भक्तामर मंडल विधान और वार्षिक आमसभा में बच्चों में संस्कार, समाज सुधार और पोरवाड़ समाज के विकास के लिए महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए। पढ़िए सन्मति जैन काका की खास रिपोर्ट…
लोनारा/खरगोन निप्र। पोरवाड़ समाज के गौरव अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज ने 24 अगस्त, रविवार को इंदौर की नसिया जी धर्मशाला बड़ा गणपति के पास भक्तामर मंडल विधान, अधिवेशन और वार्षिक आमसभा में समाज के सदस्यों को मार्गदर्शन दिया।
मुनि जी ने कहा कि बच्चे वही सीखते हैं जो वे अपने घर में देखते हैं। इसलिए परिवार के सभी सदस्य एक-दूसरे से अच्छे व्यवहार और संस्कारपूर्ण बातें करें। विजातीय विवाह को रोकने और समाज की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्होंने क्षेत्रीय व्यवसायों की स्थापना की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत 7:30 बजे परिवहन नगर से विहार के साथ हुई। मुनि जी 9:15 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। मंडल विधान में ध्वजारोहण मनोज जैन परिवार मंडलेश्वर द्वारा किया गया। इंद्र इंद्राणी परिवार और अन्य इंद्र परिवारों ने भक्ति-भाव से भजनों पर नृत्य और अर्घ समर्पित किए।
समाज सुधार के छह बिंदुओं पर चर्चा की
दोपहर में मुनि श्री पूज्य सागर जी के सानिध्य में समाज के वरिष्ठ जनों की उपस्थिति में अधिवेशन हुआ। अधिवेशन में समाज सुधार के छह बिंदुओं पर चर्चा की गई, जिनमें विवाह समारोह में जमीकंद का उपयोग न करना, पगड़ी में लेन-देन बंद करना, समाज की बेटियों की सुरक्षा, पोरवाड़ समाज के छात्रावास और संस्थान की स्थापना आदि शामिल थे। कार्यक्रम का मंगलाचरण अखिलेश जैन ने किया। दीप प्रज्वलन और पाद प्रक्षालन का सौभाग्य मुनि जी के सानिध्य में हुआ। शास्त्र भेट, छाछ वितरण और मंच की वेबसाइट का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया।














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