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भगवान पार्श्वनाथ के गर्भ कल्याणक पर्व पर आयोजन : मासिक णमोकार, सम्मान एवं श्रावकाचार संकल्प-पत्र शुभारम्भ


श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर चौमूंबाग, सांगानेर में मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ के गर्भ कल्याणक पर्व के सुअवसर पर दिगम्बर जैन महासमिति चौमूंबाग इकाई द्वारा आयोजित सामूहिक णमोकार महामंत्र का जाप मुकेश छाबडा एवं कमला अजमेरा के नेतृत्व में किया गया। दीप प्रज्वलन प्रेमचंद बडजात्या, मुकेशकुमार छाबड़ा, नमी गोधा, युगांश, यशवर्धन एवं आर्जव ने किया। पढ़िए राजकुमार गोधा की रिपोर्ट…


  जयपुर। श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर चौमूंबाग, सांगानेर में मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ के गर्भ कल्याणक पर्व के सुअवसर पर दिगम्बर जैन महासमिति चौमूंबाग इकाई द्वारा आयोजित सामूहिक णमोकार महामंत्र का जाप मुकेश छाबडा एवं कमला अजमेरा के नेतृत्व में किया गया। दीप प्रज्वलन प्रेमचंद बडजात्या, मुकेशकुमार छाबड़ा, नमी गोधा, युगांश, यशवर्धन एवं आर्जव ने किया। मंगलाचरण कमला अजमेरा, पुष्पलता बडजात्या, सरोज जैन, सुनीता बडजात्या आदि महिला प्रकोष्ठ द्वारा किया गया।

श्रावकाचार झांकी के बताए उद्देश्य

सांगानेर संभाग के परामर्शक प्रेमचंद बडजात्या ने भगवान महावीर के 2623वें जन्मकल्याणक पर राजस्थान जैन सभा द्वारा आयोजित भव्य और विशाल जुलूस में दिगम्बर जैन महासमिति अंचल राजस्थान एवं सांगानेर संभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित श्रावकाचार झांकी के उद्देश्य को बताया एवं संबंधित प्रश्न पूछे। सांगानेर संभाग महामंत्री एवं चौमूंबाग इकाई के अध्यक्ष डॉ. अरविन्द कुमार जैन ने झांकी में प्रदर्शित जैन श्रावकाचार का सामान्य परिचय दिया। इस झांकी में शराब, मांस, अंडा, प्याज, लहसुन आदि अभक्ष्य पदार्थों एवं इनसे निर्मित पदार्थों के त्याग का संदेश दिया गया। झांकी में जैनों के तीन लक्षण दिखाये गये- प्रतिदिन देव दर्शन करना, पानी छानकर पीना और रात्रि भोजन का त्याग। साथ ही श्रावक के षट् आवश्यकों को भी प्रकशित किया गया, जिसमें देव पूजा, गुरु उपासना, स्वाध्याय, संयम, तप और दान शामिल हैं।

बच्चों को किया पुरस्कृत

उन्होंने बताया कि दिगम्बर जैन महासमिति राजस्थान अंचल द्वारा इस वर्ष श्रावकाचार वर्ष-2024 घोषित किया गया, जिसका उद्देश्य समाज एवं जनसाधारण में जैन आचार के प्रति जागृति लाई जा सके। इसके तहत महासमिति द्वारा प्रथम बार झांकी निकाली गई। इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु श्रावकाचार संकल्प-पत्र निकाले गये जिसका शुभारंभ किया गया। अंचल राजस्थान के मुख्य संयोजक कैलाशचन्द मलैया सांगानेर संभाग के अध्यक्ष हैं। सबसे पहले झांकी में भाग लेने वाले बच्चों को अंचल द्वारा पुरुस्कृत किया गया जिसमें युगांश, नमी, यशवर्धन एवं आर्जव जैन को अशोक जैन बाकलीवाल, बाबूलाल लुहाड़िया, महावीर वैद ने गिफ्ट प्रदान कर सम्मानित किया। इसी प्रकार से झांकी में जिनेन्द्र भक्ति नृत्य के माध्यम से विशेष योगदान देने पर लक्ष्मी काला को पुष्पलता बडजात्या एवं कमला अजमेरा ने गिफ्ट देकर सम्मानित किया।

बच्चों ने भरे संकल्प पत्र

झांकी की उपयोगिता एवं बच्चों- महिलाओं के उत्साह को देखकर मन्दिर में संचालित संस्कार पाठशाला के मुख्य समन्वयक प्रेमचंद बडजात्या ने अगली बार वर्ष 2025 में पाठशाला की ओर से झांकी निकालने का सुझाव दिया। श्रावकाचार संकल्प-पत्र सबसे पहले इन्हीं चार बच्चों ने भरे। पहला संकल्प-पत्र युगांश जैन ने भरा। कुल 10 संकल्प पत्र भरकर इस योजना का शुभारंभ प्रेमचंद बडजात्या, कमला अजमेरा एवं इकाई मंत्री राजकुमार गोधा एवं मुकेशकुमार छाबड़ा के हाथों वितरित कर किया गया। चौमूंबाग इकाई में संकल्प प्रभारी आशीष पाटनी, बाबूलाल लुहाड़िया, रेखा पाटनी एवं कमला अजमेरा को बनाया गया। मुख्य समन्वयक प्रेमचंद बडजात्या रहेंगे। इकाई का प्रारंभिक लक्ष्य 125 संकल्प भरवाना है। कार्यकारिणी के सभी सदस्यों को 10-10 संकल्प-पत्र भरवाने का टारगेट दिया गया जो 15 मई तक पूरा करना है। सभी उपस्थित महानुभावों एवं बच्चों का आभार इकाई मंत्री राजकुमार गोधा ने किया। अंत में शान्ति पाठ कर, समापन किया गया।

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