अंबाह में श्री परेड दिगंबर जैन मंदिर में मोक्ष सप्तमी के अवसर पर पार्श्वनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक दिवस पर संगीतमय महामंडल विधान, पूजन और भक्तिमय आयोजन का भव्य दृश्य देखने को मिला। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पूजन-अभिषेक कर भक्ति भाव से भाग लिया। पढ़िए अजय जैन की खास रिपोर्ट…
अंबाह। मोक्ष सप्तमी महोत्सव के पावन अवसर पर श्री परेड दिगंबर जैन मंदिर, अंबाह में भगवान पार्श्वनाथ के मोक्ष कल्याणक को श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर नगर व आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। सुबह 7 बजे से प्रारंभ हुआ संगीतमय पूजन विधान पंडित मनोज शास्त्री (मुरैना) के निर्देशन में संपन्न हुआ, जिनके मंत्रोच्चारण और व्याख्या ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। सौरभ एंड पार्टी द्वारा प्रस्तुत जैन भजनों – “जय जय पार्श्व प्रभो”, “मंगलाचारण सुनो रे” – ने भक्ति का भावप्रवाह बहाया।
मंदिर को सजाया, दीपमालाओं से सुसज्जित किया
श्रद्धालुओं ने पारंपरिक वस्त्रों में महामंडल पूजन, जलबिंदु अभिषेक और द्रव्य पूजन किया। मंदिर परिसर को रंगीन सजावट और दीपमालाओं से सुसज्जित किया गया था, जिसने आयोजन को दिव्यता प्रदान की। पूजन उपरांत सभी श्रद्धालुओं के लिए सात्विक व पूर्णत: जैन परंपरानुसार वात्सल्य भोज की व्यवस्था की गई थी, जिसमें समाज के सभी वर्गों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। यह समर्पणमय आयोजन “दिगंबर जैन सोशल ग्रुप, अंबाह” के निर्देशन में आयोजित हुआ, जिसमें सकल जैन समाज का विशेष सहयोग रहा।
प्रेरणा और साधना का प्रतीक
अध्यक्ष अमित जैन टकसारी, महामंत्री कुलदीप जैन एवं संतोष जैन ने जानकारी दी कि मोक्ष सप्तमी वह शुभ दिन है, जब भगवान पार्श्वनाथ ने मोक्ष प्राप्त किया था, जिसे आत्मशुद्धि व साधना के पर्व रूप में मनाया जाता है। यह दिवस जैन धर्म में प्रेरणा और साधना का प्रतीक है। समापन पर मंच से अतिथियों एवं वरिष्ठजनों ने आयोजन की सराहना की और ऐसे धार्मिक आयोजनों को समाज में एकता, भक्ति और संस्कारों का वाहक बताया। अंत में आरती और मंगलाचरण के साथ सभी ने प्रभु चरणों में कल्याण की प्रार्थना की।













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