समाधिस्थ संत आचार्य सन्मति सागर जी महाराज का समाधि दिवस 14 मार्च को मनाया जाएगा। इस अवसर पर अनेक कार्यक्रम होंगे। अंबाह-बरवाई गांव में जन्मे चंबल अंचल के गौरव जैन आचार्य सन्मति सागर जी महाराज ने सन 2013 में फाल्गुन शुक्ल तृतीया तदनुसार 14 मार्च, 2013 को शकरपुर (दिल्ली) में समाधिपूर्वक मरण कर इस नश्वर देह का त्याग किया था। पढ़िए अजय जैन की एक रिपोर्ट..
अंबाह। समाधिस्थ संत आचार्य सन्मति सागर जी महाराज का समाधि दिवस 14 मार्च को मनाया जाएगा। इस अवसर पर अनेक कार्यक्रम होंगे। अंबाह-बरवाई गांव में जन्मे चंबल अंचल के गौरव जैन आचार्य सन्मति सागर जी महाराज ने सन 2013 में फाल्गुन शुक्ल तृतीया तदनुसार 14 मार्च, 2013 को शकरपुर (दिल्ली) में समाधिपूर्वक मरण कर इस नश्वर देह का त्याग किया था। पूज्य आचार्य श्री का जितना विशाल एवं अगाध व्यक्तित्व था, उनका कृतित्व उससे भी अधिक विशाल था। आचार्य श्री के कर-कमलों द्वारा अनेक भव्य जीवों ने जैनेश्वरी दीक्षा अंगीकार कर अपना जीवन धन्य किया, जिनमें वर्तमान में अंबाह में विराजमान आर्यिका श्री सृष्टि भूषण माता जी भी शामिल हैं। इस गौरवशाली महान परम्परा में वर्तमान में सहस्त्राधिक दिगम्बर साधु समस्त भारतवर्ष में धर्मप्रभावना कर रहे हैं तथा भगवान महावीर के संदेशों को जनमानस तक पहुंचा रहे हैं।
पूज्य आचार्य श्री के समाधि दिवस पर 14 मार्च को अंबाह में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। पूर्व पार्षद समाजसेवी अरुण जैन एवं सुनहरी लाल जैन ने बताया है कि इस अवसर पर नर सेवा नारायण सेवा के उद्देश्य प्रातः काल परेड मंदिर पर सार्वजनिक भंडारे का आयोजन सुबह 8:00 बजे से प्रारंभ होगा, वहीं अस्पताल में फल वितरण सहित रात्रि काल में महाराज श्री की आरती का कार्यक्रम भी होगा। जैन में सभी लोगों से कार्यक्रम में सम्मिलित होने की अपील की है।













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