इंदौर। नव पट्टाचार्य चर्या शिरोमणी आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज (21 पिंच्छी संप्रदाय) का मंगल विहार आज से शुरू हो गया। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि श्री अतिशय क्षेत्र वृषभाचल, नांदणी (महाराष्ट्र) से दोपहर 3 बजे गोम्मटेश बाहुबली श्रवणबेलगोला (कर्नाटक) के लिए विहार किया गया।
आगामी भव्य पंचकल्याणक आचार्य विशुद्धसागर जी महाराज के मंगलमय सानिध्य में श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र जैनरगुत्ती में 28 नवंबर, गुरुवार से 4 दिसंबर, बुधवार 2024 तक सम्पन्न होगा।
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