सारांश
रजत महोत्सव करने का निर्णय ट्रस्ट की 22वीं वार्षिक बैठक में लिया गया। ट्रस्ट के चेयरमैन किशोर एचसंघवी की अध्यक्षता में हुई बैठक में ट्रस्टियों ने कहा कि पावापुरी तीर्थ जैन समाज का एक पथ प्रर्दशक है। पढ़िए महावीर जैन की विस्तृत रिपोर्ट…
सिरोही। पावापुरी तीर्थ जीव मैत्रीधाम की 25 वीं ध्वजा पर फरवरी 2025 में रजत महोत्सव का आयोजन किया जायेगा। यह निर्णय धाम की 22वीं वार्षिक बैठक में लिया गया। ट्रस्ट के चेयरमैन किशोर एचसंघवी की अध्यक्षता में हुई बैठक में ट्रस्टियों ने कहा कि पावापुरी तीर्थ जैन समाज का एक पथ
प्रर्दशक ( रोल माॅडल ) है और पिछले 22 वर्ष से जिस तरह इस तीर्थ व गौशाला का संचालन हो रहा है, वह कोई काम कैसे होता, उसे सीखने और समझने की एक अच्छा स्थान हैं। ट्रस्ट के चेयरमैन किशोर भाई संघवी ने कहा कि 1998 से संचालित गौशाला में 24 वर्ष से औसत 6 हजार गौवंश का लालन-पालन हो
रहा है और तीर्थ में पिछले 22 वर्ष से प्रतिदिन आने वाले भक्तों का औसत भी एक हजार बराबर बना हुआ है। बाइस साल में 80 लाख 19 हजार 707 दर्शनार्थी इस तीर्थ में आये ओर इसमें से 25 लाख 22 हजार 742 यात्रिकों ने रात्रि विश्राम किया। ट्रस्टियों ने बैठक में कहा कि यहां की साफ सफाई, प्रबन्धन एवं व्यवस्थाएं आने वाले यात्रियों को प्रभावित करती हैं। बैठक में विचार विर्म श के बाद तय किया गया कि रजत महोत्सव लीक से हटकर किया जाएगाा और ऐसा आयोजन किया जाएगा, जिससे समाज को प्रभावी संदेश पहुंचे। ट्रस्टी प्रकाश एल. संघवी ने कहा कि तीर्थ संस्थापक स्व. हजारीमलजी एवं स्व. बाबुकाका संघवी का जो सपना व विजन था उसको वे पूरा करके गये लेकिन उनकी दूसरी व अब तीसरी पीढी भी उसी रास्ते पर चल कर पावापुरी तीर्थ को उत्तरोत्त्तर प्रगति में समर्पित भाव से लगी हुई है।

राष्ट्रीय अल्प संख्यक आयोग के प्रथम जैन सदस्य एवं ट्रस्टी सुनील सिंघी ने कहा कि पिछले 22 वर्ष से जिस तरह तीर्थ में व्यवस्थाओं का रखरखाव किया जा रहा है, वह इसका प्रमाण है कि के.पी.संघवी परिवार के सभी सदस्य बहुत ही समर्पित हैं और तन मन धन से तीर्थ के कार्यों में लगे हुए हैं।
ट्रस्टी मनीष जैन ने कहा कि सिरोही जिले में चिकित्सा व शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले भामाशाह का जो वेक्यूम पिछले 15 वर्ष से चल रहा था, उसे के. पी. संघवी परिवार ने रेवदर में डिग्री काॅलेज, सिरोही में लाॅ काॅलेज बनाकर व अब मालगांव में हायर सैकण्डरी स्कूल का भवन बनाने
का निर्णय कर खत्म किया है। ट्रस्टी बाबुलाल एस. जैन ने कहा कि बाबू काका मेरे परम मित्र थे और उन्होंने जो पौधा रोपण किया था आज वह 22 वर्ष में खूब फला है। मेरा विश्वास है कि के. पी. संघवी परिवार की तीसरी पीढी और दूसरी पीढ़ी के साथ बहुत कुछ सीख कर पावापुरी तीर्थ की और अधिक कीर्ति बढ़ेगी। बैठक की शुरुआत में अतिथि विशेष पूर्व केबिनेट मंत्री एम. एस. बिट्टा, सुनील सिंघी, बाबूलाल एस जैन, प्रकाश एल. संघवी ने दीप प्रज्जवलन कर भगवान शंखेश्वर पार्श्वनाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर अतिथि विशेष एम. एस. बिट्टा, डायमण्ड ट्रेडिंग कम्पनी लंदन के डायरेक्टर मिस्टर फिलीप और मार्केटिंग हेड मिस्टर सैम्युल का ट्रस्ट की ओर से साफा पहनाकर अभिनंदन किया गया। बिट्टा, फिलीप एवं सैम्युल का परिचय ट्रस्टी जय भाई संघवी ने करवाया। ट्रस्ट में के. पी. संघवी परिवार के दो सदस्य आशय अरविन्द भाई संघवी एवं शनय समीर र्भाइ संघवी को संस्थापक ट्रस्टी मनोनित करने पर ट्रस्ट की ओर से उनका बहुमान किया गया। नव नियुक्त दोनों ट्रस्टियों ने कहा कि पहले हम लोग के. पी. संघवी के नाम से पहचाने जाते थे लेकिन अब हमारा ब्राण्ड कें. पी. संघवी से ज्यादा पावापुरी हो गया है, जो हम सबके लिए गर्व की बात हैं। मीटिंग में मैनेजिंग ट्रस्टी महावीर जैन ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।













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