रतलाम के सबसे निकट सुरम्य धर्मस्थल श्री शीतल तीर्थ में वार्षिकोत्सव एवं महामस्तकाभिषेक का आयोजन मुनि श्री विनत सागर जी एवं आर्यिका विकाम्या श्री माताजी के ससंघ के सानिध्य में हुआ। इस अवसर पर समाधिस्थ चतुर्थ पट्टाचार्य श्री योगीन्द्र सागर जी का 65वां जन्म दिवस अमृत महोत्सव के रूप में मनाया गया। इंदौर, रतलाम, बड़नगर, कोटा, भिंड, जावरा, मंदसौर आदि स्थानों के श्रावकों ने अभिषेक का लाभ प्राप्त किया। पढ़िए धामनोद से यह खबर…
धामनोद। रतलाम के सबसे निकट सुरम्य धर्मस्थल श्री शीतल तीर्थ में वार्षिकोत्सव एवं महामस्तकाभिषेक का आयोजन मुनि श्री विनत सागर जी एवं आर्यिका विकाम्या श्री माताजी के ससंघ के सानिध्य में भव्यता के साथ हुआ। क्षेत्र अधिष्टात्री डॉ. सविता दीदी ने बताया कि पिछले वर्ष 21 से 26 फरवरी तक आचार्य श्री विशुद्धसागर जी एवं आचार्य श्री सुंदर सागर जी के ससंघ सानिध्य में ऐतिहासिक पंचकल्याणक हुआ था। उन्हीं की स्मृतियों को जीवंत रखते हुए इस वर्ष प्रथम वार्षिकोत्सव का दो दिवसीय आयोजन किया जा रहा है।
चतुर्थ पट्टाचार्य श्री योगीन्द्र सागर जी अमृत महोत्सव मनाया
प्रथम दिवस नित्याभिषेक क्रिया के बाद ध्वजारोहण की मांगलिक क्रिया का सौभाग्य सरिता-महेन्द्र (गुड़ वाला) परिवार कोटा को प्राप्त हुआ। क्षेत्र पर निर्मित 51 फीट के कृत्रिक कैलाश पर्वत पर विराजित 17 फीट के पद्मासन भगवान आदिनाथ के मूंगा वर्णी प्रतिमा पर बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने जल के साथ पंचामृत अभिषेक किया। सोमवार को क्षेत्र के प्रेरणा स्त्रोत समाधिस्थ चतुर्थ पट्टाचार्य श्री योगीन्द्र सागर जी का 65वां जन्म दिवस अमृत महोत्सव के रूप में मनाया गया।
अभिषेक का सौभाग्य इन श्रावकों को मिला
संचालन राकेश जैन ‘चपलमन’ एवं विधि विधान का निर्देशन पं. नितिन जैन ने किया। कार्यक्रम में मुख्य कलश सहित विभिन्न द्रव्यों से अभिषेक का सौभाग्य महेंद्र-सरिता कोटावाला, नरेंद्र-संध्या रारा गुवाहाटी, कमल-निशा ठोल्या चेन्नई, पदम गांधी परिवार, विनोद प्रदीप दोषी परिवार, रतनलाल गोधा परिवार, पुखराज सेठी जावरा, नरेश जैन परिवार भिंड, मनोज जैन भिंड परिवार, मीना-पवन चूड़ीवाला परिवार सहित इंदौर, रतलाम, बड़नगर, कोटा, भिंड, जावरा, मंदसौर आदि कई स्थानों के श्रावकों ने प्राप्त किया।













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