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भगवान आदिनाथ की प्रतिमा का मंत्रोच्चार के बीच हुआ महामस्तकाभिषेक भगवान से की ब्रह्मांड में शांति एवं सदभाव की कामना   


सकल दिगंबर जैन समाज ने हथिनी गांव में जगत कल्याण की कामना हेतु जैन साध्वी गणिनी आर्यिका सौम्यनंदनी माता जी एवं गणिनी आर्यिका सुयोग्यनँदनी माताजी के मंगल आशीर्वाद से श्री दिगम्बर जैन तीर्थ क्षेत्र हथिनी के जैन मंदिर में भगवान श्री आदिनाथ की विशाल प्रतिमा का सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में मंत्रोच्चार की ध्वनि के बीच महामस्तकाभिषेक किया गया। पढि़ए अजय जैन की रिपोर्ट ……


अम्बाह। सकल दिगंबर जैन समाज ने हथिनी गांव में जगत कल्याण की कामना हेतु जैन साध्वी गणिनी आर्यिका सौम्यनंदनी माता जी एवं गणिनी आर्यिका सुयोग्यनँदनी माताजी के मंगल आशीर्वाद से श्री दिगम्बर जैन तीर्थ क्षेत्र हथिनी के जैन मंदिर में भगवान श्री आदिनाथ की विशाल प्रतिमा का सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में मंत्रोच्चार की ध्वनि के बीच महामस्तकाभिषेक किया गया। इस आयोजन के दौरान मंदिर प्रांगण में मौजूद श्रद्धालु भगवान आदिनाथ के जयकारे लगाते रहे ।सभी ने सामूहिक रूप से भगवान से ब्रह्मांड में शांति एवं सदभाव की कामना की।

इस अवसर पर सुबह मांगलिक क्रियाएं संपन्न होने के बाद मंत्रोच्चार प्रारंभ हुआ। जो आयोजन संपन्न होने तक अनवरत चलता रहा। इस दौरान अभिषेक के लिये श्रद्धालुओं की लंबी कतार मंदिर प्रागंण में लगी रही भगवान का महामस्तकाभिषेक करने के लिये सैकड़ों अनुयायी सुबह से ही तन -मन की विशुद्धि के साथ पीले धोती, दुपट्टे में अभिषेक में शामिल हुए। इस अवसर पर जगत कल्याण की कामना के लिए शांति धारा भी की गई ।

आयोजन में शामिल मुरैना के नीलेश जैन ने बताया कि हथिनी की पावन धरा पर स्थापित भगवान आदिनाथ का यह जिनालय युगों- युगों तक सत्य अहिंसा और शांति का संदेश देता रहेगा ।नीलेश जैन ने कहा कि जैन धर्म के अनुसार स्वयं को जीतना ही जग को जीतना है ।अष्ट कर्मों का नाश कर दोषों से पूरी तरह मुक्त होना ही मानव जीवन का लक्ष्य है ।और इसी बात की प्रेरणा हमे मंदिर में विराजमान भगवान आदिनाथ की यह भव्य मूर्ति देती है कि संसारी दुखों से मुक्त होने के लिए हमें मोक्ष मार्ग अपनाना चाहिए ।आयोजन में पुलकित जैन और उनकी टीम इंडिया ने व्यवस्था बनाने में विशेष सहयोग दिया। कार्यक्रम उपरांत सभी के लिए वात्सल्य भोज का आयोजन किया गया

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