मप्र में पहली बार जैन कल्याण बोर्ड का गठन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार क्षमावाणी महोत्सव में इसकी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा है कि जैन परम्परा और संस्कृति का गौरवशाली इतिहास है। देश, प्रदेश में जैन परम्परा के अनुयायी हर जगह मौजूद हैं। उज्जैन भी जैन परम्परा को हजारों सालों से मानने वाली नगरी है। बोर्ड सभी के कल्याण की दिशा में काम करेगा। पढ़िए यह रिपोर्ट…
भोपाल। मप्र में पहली बार जैन कल्याण बोर्ड का गठन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार क्षमावाणी महोत्सव में इसकी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा है कि जैन परम्परा और संस्कृति का गौरवशाली इतिहास है। देश, प्रदेश में जैन परम्परा के अनुयायी हर जगह मौजूद हैं। उज्जैन भी जैन परम्परा को हजारों सालों से मानने वाली नगरी है। बोर्ड सभी के कल्याण की दिशा में काम करेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि जैन मुनि, आचार्य, साधुसंतों को मार्ग से गुजरने के दौरान जरुरत पड़ी तो शासकीय भवन उपलब्ध कराएंगे। महोत्सव में क्षमावाणी पर्व से संबंधित लघु वीडियो फिल्म दिखाई गई। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कश्यप ने मुख्यमंत्री का स्वागत कर प्रतीक चिन्ह और प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मान किया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा समेत जैन समाज से जुड़े प्रमुख विधायक व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
आचार्य विद्यासागर महाराज के नाम पर कॉलेज खोलने की अनुमति मिली
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने खुले में मांस की बिक्री पर रोक लगाई है। कानून व्यवस्था, सुशासन की स्थापना करना सरकार का दायित्व है। सागर में आचार्य विद्यासागर के नाम पर मेडिकल कॉलेज खोलने की स्वीकृति मिल गई है। राज्य सरकार ने सभी संभागों के अंतर्गत आयुर्वेदिक कॉलेज खोलने का निर्णय लिया है। गौशालाओं, गाय को पालने के लिए प्रोत्साहन देंगे। दूध बिक्री पर बोनस देने का निर्णय किया है।













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