23 वें तीर्थंकर पारसनाथ भगवान का निर्वाण दिवस गुरुवार को प्रातः विमलनाथ दिगंबर जैन मंदिर पुनर्वास कॉलानी में स्थानीय सकल दिगंबर जैन समाज ने मनाया। चातुर्मास आराधनारत आर्यिका विकाम्याश्री माताजी ससंघ का इस मौके पर सानिध्य मिला। सागवाड़ा से पढ़िए, यह खबर…
सागवाड़ा। 23 वें तीर्थंकर पारसनाथ भगवान का निर्वाण दिवस गुरुवार को प्रातः विमलनाथ दिगंबर जैन मंदिर पुनर्वास कॉलानी में स्थानीय सकल दिगंबर जैन समाज ने मनाया। चातुर्मास आराधनारत आर्यिका विकाम्याश्री माताजी ससंघ का इस मौके पर सानिध्य मिला। प्रतिष्ठचार्य पंडित विनोद पगारिया विरल के तत्वावधान में श्रद्धा और उमंग के साथ उत्सव मनाया गया। गुरुवार को प्रातः मंदिर के समीप सभागार में नवानिर्मित भगवान पारसनाथ की मोक्ष स्थली तीर्थराज सम्मेद शिखरजी की प्रतिकृति का अनावरण जय प्रकाश अमीचंद गोवाड़िया परिवार ने किया। इसके बाद इंद्र इंद्राणी समूह द्वारा पाण्डूक शिला में विराजित पारसनाथ भगवान की प्रतिमा का विविध द्रव्य पूरित कलशों से अभिषेक किया गया तथा आर्यिका विकाम्याश्रीमाताजी के मंत्रोच्चारण के साथ प्रतिमा पर विश्व शांति कामनार्थ शांतिधारा सौधर्म इंद्र दर्पण जीतमल दोसी परिवार द्वारा की गई। साथ ही समाधिस्थ आचार्य विमल सागरजी महाराज की प्रतिमा पर शांतिधारा सुमतिलाल सरिया परिवार ने की। इसके बाद प्रतिष्ठाचार्य विनोद पगारिया द्वारा मुख्य विधान मंडप सहित कुल 44 कल्याण मंदिर पारसनाथ विधान मंडप पर मंडप प्रतिष्ठा, दिक बंधन, दिग्पाल स्थापना दीप स्थापना तथा पंच मंगल कलश स्थापना विधि कराई गई।
इस अवसर पर कल्याण मंदिर विधान मंडप पर आचार्य कुमुदचंद्र सूरि रचित कल्याण मंदिर स्रोत के 44 श्लोकों का उच्चारण करते हुए प्रत्येक विधान मंडप पर इंद्र इन्द्राणी समूह द्वारा अष्ट द्रव्य युक्त अर्घ्य समर्पित किए गए। पारसनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक अवसर पर निर्वाण का प्रतीक 23 किलो का निर्वाण लाडू मंच पर नवनिर्मित सम्मेद शिखर सिद्ध क्षेत्र की प्रतिकृति पर स्थित सुर्वण भद्र टोंक पर निर्वाण कांड पाठ उच्चारण के साथ रुशाली यमन नीरज संघवी सागवाड़ा परिवार ने भक्ति के साथ चढ़ाया। साथ ही भगवान पारसनाथ के जीवन चरित्र पर आर्यिका विकाम्याश्री माताजी का प्रवचन हुआ। शांतिपाठ आरती विसर्जन विधि के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।













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