समाचार

भगवान मुनिसुव्रतनाथ जी का गर्भ कल्याणक 12 जुलाई को: तिथि के अनुसार श्रावण कृष्ण द्वितीया को आता है


जैन धर्म के 20वें तीर्थंकर भगवान मुनिसुव्रतनाथ जी का गर्भकल्याणक 12 जुलाई को संपूर्ण भारत वर्ष में पारंपरिक धार्मिक उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर भगवान के मंदिरों में आराधना, अभिषेक, शांतिधारा सहित विविध आयोजन किए जाएंगे। श्रीफल जैन न्यूज की विशेष श्रंृखला में आज श्रावण कृष्ण द्वितीया 12 जुलाई को पढ़िए, उपसंपादक प्रीतम लखवाल की यह संकलित प्रस्तुति…


इंदौर। जैन धर्म के 20वें तीर्थंकर भगवान मुनिसुव्रतनाथ जी का गर्भ कल्याणक इस बार 12 जुलाई को आ रहा है। तिथि के अनुसार यह महोत्सव श्रावण कृष्ण द्वितीया को मनाया जाएगा। इस दिन दिगंबर जैन समाज के सभी जिनालयों और चैत्यालयों में पारंपरिक धार्मिक उल्लास के साथ भगवान मुनिसुव्रतनाथ जी का गर्भ कल्याणक महोत्सव पर विविध कार्यक्रम विधिविधान के सथ आयोजित किए जाएंगे। जैन धर्म के ग्रंथों के अनुसार भगवान मुनिसुव्रतनाथ जी का गर्भ कल्याणक श्रावण कृष्ण द्वितीया को मनाया जाता है। यह जैन धर्म के 20वें तीर्थंकर मुनिसुव्रतनाथ स्वामी के जीवन का एक महत्वपूर्ण अवसर है। श्रावण कृष्ण द्वितीया को मुनिसुव्रतनाथ स्वामी माता पद्मावती के गर्भ में आए थे। यह दिन जैन धर्मावलंबियों द्वारा बड़े उत्साह और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इस दिन भक्त जन भगवान मुनिसुव्रतनाथ की पूजा-अर्चना करते हैं और उनके उपदेशों का स्मरण करते हैं।

अन्य महत्वपूर्ण तिथियां

भगवान मुनिसुव्रतनाथ जी का जन्म कल्याणक वैशाख कृष्ण दशमी, तप कल्याणक वैशाख कृष्ण दशमी, ज्ञान कल्याणक वैशाख कृष्ण नवमी, मोक्ष कल्याणक फाल्गुन शुक्ल पंचमी को मनाया जाता है। मुनिसुव्रतनाथ स्वामी जैन धर्म के 20वें तीर्थंकर हैं। उनके पिता का नाम सुमित्र और माता का नाम पद्मावती था। उनका जन्म राजगृह (राजगीर) में हुआ था। उनका चिन्ह कछुआ है। उनकी आयु 30 हजार वर्ष थी। उन्होंने 15 हजार वर्ष तक राज्य किया था।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
2
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page