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दूसरों की नजर से नहीं अपनी नजरों से देखे - मुनि श्री प्रतीकसागर मुनि श्री प्रतीकसागर कहा- मजाक मे भी गुणवानों का हास्य न करें


हम कर्मों के आस्रव और बन्ध मे तो लगे रहते है,परन्तु संवर और नीर्जरा पर ध्यान ही नहीं है! सामूहिक रूप से किया गया पाप का फल भी हमे सामूहिक रूप से भोगना पड़ता है| आज हमारी आदत पाप कार्यो मे अनुमोदना की हो गयी है पढ़िए विशेष समाचार…….


आगरा 13 मार्च को कमला नगर स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर के आचार्य सन्त निलय पर आयोजित विशेष प्रवचन सभा मे क्रांतिवीर मुनि श्री प्रतीकसागर जी महाराज ने कहा कि मजाक मे भी गुणवानों का हास्य न करें अपनी नजर से देखें,दूसरों की नजर से देखने पर नजरिया ही बदल जाता है! आज हमारी आदत पाप कार्यो मे अनुमोदना की हो गयी है| उसको बदलें हम कर्मों के आस्रव और बन्ध मे तो लगे रहते है,परन्तु संवर और नीर्जरा पर ध्यान ही नहीं है! सामूहिक रूप से किया गया पाप का फल भी हमे सामूहिक रूप से भोगना पड़ता है| इस दौरान मन्दिर ट्रस्टी शिखरचन्द जैन सिंघई,मुख्य संयोजक जगदीश प्रसाद जैन,अरूण जैन लश्करपुर,अनिल जैन FCI,विजय जैन राजदरबार ने मुनिश्री के समक्ष श्रीफल अर्पण कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया| धर्मसभा का मंगलाचरण एवं संचालन मनोज जैन बांकलीवाल द्वारा किया|

कार्यक्रम संयोजक मनोज जैन बाकलीवाल ने बताया कि 14 मार्च से 21 मार्च के मध्य कमलानगर के श्री महावीर दिगंबर जैन मदिर में प्रात:8:00 बजे से प्रातः10:00 बजे तक क्रांतिवीर मुनि श्री प्रतीक सागर जी महाराज के सानिध्य मे सभी उम्र के लोगो के लिए जैन दर्शन जानिए शिविर का आयोजन होने जा रहा है| इस अवसर पर प्रदीप जैन पीएनसी, जगदीश प्रसाद जैन,मनोज जैन बाकलीवाल,अनिल जैन रईस,नरेश जैन,शुभम जैन छोटू समस्त कमला नगर जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे|

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