पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ का चातुर्मास पथरिया में चल रहा है। यहां नित्य पूजा और विधान के साथ धर्मसभा का आयोजन हो रहा है। मुनि श्री सर्वार्थ सागर महाराज जी के पथरिया में प्रवचन हो रहे हैं। पथरिया से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटिल की यह खबर…
पथरिया। पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ का चातुर्मास पथरिया में चल रहा है। यहां नित्य पूजा और विधान के साथ धर्मसभा का आयोजन हो रहा है। मुनि श्री सर्वार्थ सागर महाराज जी के पथरिया में प्रवचन हो रहे हैं। इसमें उन्होंने कहा कि आज हम एक छोटी सी मगर बहुत गहरी बात पर मनन करेंगे कि लोगों की नजर चेहरे पर जाती है, दिल पर नहीं। इसलिये लोग भी चेहरे को साफ रखते हैं, दिल को नहीं। यह बात सच्चाई के बेहद करीब है।
हम रोज़ सुबह उठते हैं, आइना देखते हैं, चेहरा धोते हैं, क्रीम लगाते हैं ताकि लोग हमें सुंदर और साफ़-सुथरा समझें लेकिन, क्या कभी हमने अपने मन के आइने में झाँक कर देखा? क्या हमारा दिल भी उतना ही साफ़ है, जितना हमारा चेहरा? मुनि श्री ने कहा कि चेहरे की खूबसूरती कुछ पल की होती है लेकिन दिल की खूबसूरती जीवन भर की पहचान बन जाती है। अगर दिल में ईमानदारी, सच्चाई, दया और प्रेम है तो चेहरा चाहे जैसा भी हो आपके व्यक्तित्व में एक अलग चमक आ जाती है। उन्होंने कहा कि दुनिया को दिखाने के लिए नहीं, आत्मा को संवारने के लिए जियो। जिस दिन हम अपने दिल को रोज़ धोना शुरू कर देंगे, ग़लत विचारों से, ईर्ष्या से, नफ़रत से उस दिन जीवन में सच्चा सुख आ जाएगा। इसलिए अगली बार जब आप चेहरा धोने जाएँ, एक बार दिल को भी टटोलिए, क्या वहाँ भी साफ़-सफाई की ज़रूरत तो नहीं?













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