दोहों का रहस्य समाचार

दोहों का रहस्य -146 प्रेम के बिना जीवन पशु-समान हो जाता है : भक्ति के बिना भगवान की प्राप्ति असंभव है


दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन पंक्तियों में निहित अर्थ और संदेश अत्यंत गहरे होते हैं। एक दोहा छोटा सा होता है, लेकिन उसमें जीवन की बड़ी-बड़ी बातें समाहित होती हैं। यह संक्षिप्तता के साथ गहरे विचारों को व्यक्त करने का एक अद्भुत तरीका है। दोहों का रहस्य कॉलम की 146वीं कड़ी में पढ़ें मंजू अजमेरा का लेख…


“ते दिन गए अकारथी, संगत भई न संत।

प्रेम बिना पशु जीवना, भक्ति बिना भगवंत॥”


भावार्थ (संपादित संस्करण):

कबीरदास जी कहते हैं कि जीवन के वे दिन व्यर्थ चले गए,

जिनमें संतों की संगति नहीं मिली।

क्योंकि प्रेम के बिना जीवन पशु-समान हो जाता है,

और भक्ति के बिना भगवान की प्राप्ति असंभव है।

 

संतों की संगति आत्मा को जाग्रत करती है।

उनके सान्निध्य में ही व्यक्ति को प्रेम, करुणा, सेवा और ध्यान का मार्ग मिलता है।

जब तक प्रेम और भक्ति का विकास नहीं होता,

तब तक आत्मा ईश्वर से दूर ही बनी रहती है।

 

आज समाज में बहुत से लोग धार्मिक आडंबरों में तो लिप्त हैं,

परंतु उनके जीवन में न संतों की संगति है, न आत्म-चिंतन की गहराई।

कबीर इस दोहे के माध्यम से हमें चेताते हैं—

 

“यदि तुम्हारे जीवन में न संतों की संगति है,

न प्रेम है, और न भक्ति—

तो तुम्हारा जीवन उस पशु के समान है,

जो जी तो रहा है, पर यह नहीं जानता कि क्यों?”

 

मनुष्य यदि प्रेमहीन जीवन जीता है—

चाहे वह संबंधों में हो, व्यवहार में, या विचारों में—

तो वह यांत्रिक (मशीनवत) बन जाता है।

 

लेकिन यदि वह संतों के संपर्क में आकर

ज्ञान, करुणा और संयम से जुड़ जाए,

और जीवन में भक्ति, शांति और सेवा का संचार हो—

तो उसका जीवन सार्थक और दिव्य हो जाता है।

 

जो व्यक्ति केवल खाने, कमाने और दिखावे के लिए जी रहा है,

वह आत्मा का नहीं, केवल शरीर का जीवन है।

 

जिन दिनों में न संतों की संगति हुई, न प्रेम और भक्ति का अंकुर फूटा—

वे दिन केवल कैलेंडर के पन्ने थे, जीवन के नहीं।

 

प्रेम के बिना जीवन अधूरा है,

और भक्ति के बिना भगवान की अनुभूति असंभव।

 

इसलिए कबीर प्रेरणा देते हैं—

संतों की संगति करो, प्रेम से जियो,

और भक्ति से अपने जीवन को भगवत बना लो।

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