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मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक भाषा दक्षता योजना : प्राकृत भाषा को शामिल कराने के लिए लिखा मुख्यमंत्री को पत्र 


राजस्थान प्रदेश के अल्पसंख्यक वर्ग के जैन समुदाय की प्राकृत भाषा को मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक भाषा दक्षता एवं सम्प्रेषण कौशल विकास योजना में शामिल कराने के लिए राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद् ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर प्राकृत भाषा को योजना में शामिल कराने की मांग की l पढ़िए जिनेन्द्र जैन की रिपोर्ट…


जयपुर l राजस्थान प्रदेश के अल्पसंख्यक वर्ग के जैन समुदाय की प्राकृत भाषा को मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक भाषा दक्षता एवं सम्प्रेषण कौशल विकास योजना में शामिल कराने के लिए राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद् के अध्यक्ष जिनेन्द्र जैन ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर प्राकृत भाषा को योजना में शामिल कराने की मांग की l

प्राकृत भाषा साहित्य उपयोगी

मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में युवा परिषद् अध्यक्ष जिनेन्द्र जैन ने बताया कि प्राचीन भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति का यथार्थ ज्ञान प्राप्त करने की दृष्टी से प्राकृत भाषा का साहित्य अत्यन्त उपयोगी रहा है l भगवान महावीर की मूल वाणी जैन आगमो के रूप में इसी भाषा में निबद्ध है l जैन आगमों के अतिरिक्त शिलालेख, काव्य-ग्रंथ, चरित्र -काव्य आदि विभिन्न रचनाएं इस भाषा में प्राप्य हैं l प्राचीन भारतीय सभ्यता, संस्कृति, समाज, राजनैतिक व्यवस्था आदि का यथार्थ ज्ञान कराने हेतु प्राकृत भाषा अत्यन्त उपयोगी है l जन साधारण के जीवन में आने वाली विविध समस्याओं एवं उनके समाधान को जिस सूक्ष्मता से जिस भाषा के साहित्य में प्रस्तुत किया है, वैसा विश्व में अन्यत्र किसी भी भाषा के साहित्य में अप्राप्य है l

हो रही हैं अवांछित टिप्पणियां

इस अवसर पर युवा परिषद् के संरक्षक अशोक बांठिया ने बताया कि वर्तमान समय प्रदेश में आधारहीन एकांतवादी संस्था के तथाकथित पण्डितगण आगम सिद्धांतो को गौण करने व श्रमण संस्कृति विरोधी कृत्यों से मूल आर्षमार्ग का निरादर करने लगे हैंl आध्यात्म का ढिंढोरा पीटकर त्यागधर्म और उसके उपासक साधु संतों व श्रावक-श्रविकाओ का कई संगठन मखौल उड़ाते हुए उन पर और उनके शास्त्रों पर अवांछित टिप्पणी करते हैं l जैन धर्म की श्रमण संस्कृति बहुत प्राचीन है,उसकी प्राकृत भाषा का संरक्षण करना अति आवश्यक हैंl

ऑल इंडिया जैन जनलिस्ट एशोसियेशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी माणकमल भण्डारी ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद देते हुए बताया कि राजस्थान प्रान्त में मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक भाषा दक्षता एवं सम्प्रेषण कौशल विकास के लिए पृथक से नई योजना बनायी है l इस योजना से प्रदेश के अल्पसंख्यक वर्ग के युवाओं के लिए पर्यटन क्षेत्र मे अपना भविष्य बनाने एवं व्यक्तित्व का विकास करने में सहायता प्राप्त होती रहेगी l

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