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बड़े बाबा के रंग में रंगने पहुंचे श्रद्धालु: आचार्य श्री विद्यासागर जी की अनुपम कृति है कुंडलपुर


सुप्रसिद्ध सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में होली-धुलेंडी पर्व पर देश के कोने-कोने से हजारों श्रद्धालु और भक्तों ने बड़े बाबा का अभिषेक, पूजन, दर्शन वंदना कर धर्मलाभ लिया। आचार्य श्री विहर्ष सागर जी ने मंगल प्रवचन दिए। उन्होंने आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज सहित अन्य जैन संतों का भी स्मरण किया। कुंडलपुर से पढ़िए राजीव सिंघई / जयकुमार जलज की यह खबर…


कुंडलपुर (दमोह)। सुप्रसिद्ध सिद्धक्षेत्र कुंडलपुर में होली-धुलेंडी पर्व पर देश के कोने-कोने से हजारों श्रद्धालु और भक्तों ने बड़े बाबा का अभिषेक, पूजन, दर्शन वंदना कर धर्म लाभ लिया। इस अवसर पर आचार्य श्री विरागसागर जी महाराज के शिष्य आचार्य श्री विहर्ष सागर जी ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि अभी मैं ऊपर से बड़े बाबा मंदिर के दर्शन कर रहा था। नजारा देख रहा था लोग तो अंदर से, बाहर से दर्शन करते हैं। मैं ऊपर से देख रहा था। यदि कोई अनुपम कार्य कर सकता था तो वह है आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज थे, जिन्होंने कुंडलपुर के जंगल में मंगल कर दिया। ऐसे संत जिनका नाम विद्यासागर महाराज है। जिनकी अनुपम कृति का नाम है कुंडलपुर। जिसकी छवि लोगों की आंखों में बसी हुई है।

जैन संत धर्म की सुगंध बिखेर रहे हैं

आज होली का दिन है। लोग बोलते है ‘बुरा ना मानो होली है’। आज बड़े बाबा के श्री चरणों में सामने हम आप सब नतमस्तक हैं। अभिषेक पूजन कर रहे हैं। इस पंचमकाल में 24 तीर्थंकर नहीं हैं। कुंदकुंद आदि आचार्य नहीं हैं, लेकिन आचार्य विद्यासागर जी, आचार्य विराग सागर जी, आचार्य समय सागर जी, आचार्य विशुद्ध सागर जी, मुनि सुधासागर जी, प्रमाण सागर जी जैसे संत धर्म की सुगंध बिखेर रहे हैं। हम बड़े बाबा और छोटे बाबा दोनों का अभिषेक कर रहे हैं। जब मस्तक पर कलश लेकर अभिषेक करने जाओ तो सोचना यह बड़े बाबा का अभिषेक है। जब चरणों पर अभिषेक करो तो सोचना यह छोटे बाबा का अभिषेक है।

बड़े बाबा के चरणों का किया अभिषेक

संत शिरोमणि हमें छोड़ कर चले गए। दूसरे बड़े संघ के नायक आचार्य विरागसागर भी छोड़ कर चले गए। आचार्य श्री जहां भी हो हम सभी को उनकी चरण छाया मिलती रहे हम भी उनके पद चिन्हों पर आगे बढ़ते रहें। हम लोग तीन साधु 2 वर्ष पहले होली पर ही बड़े बाबा के चरणों में आशीर्वाद लेकर सम्मेद शिखर की यात्रा पर गए थे और 2 वर्ष बाद अब जब होली पर ही लौटकर आए तो 16 साधु आए यह बड़े बाबा का ही चमत्कार हैं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने बड़े बाबा के चरणों का अभिषेक किया।

इन समाजजनों को मिला अभिषेक का सौभाग्य 

प्रथम अभिषेक ,शांतिधारा, रिद्धि कलश करने का सौभाग्य विपिन अमरचंद गाला अश्विन शाह मुंबई, हितेश संजीव कासलीवाल जयपुर, प्रमोद वैभव जैन दिल्ली, विपिन अभिषेक दिल्ली, चंद्र प्रकाश अनुज इटावा, अंकुर आकाश खेकड़ा, अनुज अभिनंदन अहमदाबाद, निखिल शुभम बिजोलिया, किशोर शुभम रायपुर, अभय विवेक ललितपुर, सतीशचंद्र अमित दिल्ली, पारस महेंद्र जयपुर, सुचित सचिन अशोकनगर, निर्मल अरुण आगरा आदि ने प्राप्त किया। इस अवसर पर कुंडलपुर क्षेत्र कमेटी के पदाधिकारी सदस्यों की उपस्थिति रही।

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