सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में क्षुल्लक विशाल सागर महाराज ने टोंक में मुनि दीक्षा प्राप्त की और उसी दिन उनका समाधि मरण हो गया। दीक्षा कार्यक्रम आचार्य वर्धमान सागर महाराज के सानिध्य में सम्पन्न हुआ। समाधि यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पढ़िए राजेश पंचोलिया और विकास जैन विस्तृत खबर…
टोंक (राजस्थान)। सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में क्षुल्लक विशाल सागर महाराज को रविवार दोपहर 1:35 बजे आचार्य वर्धमान सागर महाराज द्वारा विधिवत केश लोचन व मंत्रोच्चार के साथ मुनि दीक्षा दी गई। दीक्षा कार्यक्रम दिगंबर जैन अमीरगंज नसियां में आयोजित हुआ, जहां हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। दीक्षा के पश्चात, उनका नाम “मुनि विशाल सागर महाराज” रखा गया। विशेष जानकारी राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी पारस जैन ‘पार्श्वमणि’ द्वारा कोटा से दी गई।
*समाधि मरण के उपरांत चक्र यात्रा निकाली*
मुनि दीक्षा के कुछ ही घंटों बाद, दोपहर लगभग 3 बजे उनका समाधि मरण हुआ। समाधि मरण के उपरांत चक्र यात्रा निकाली गई जो मुख्य मार्गों से होती हुई समाधि स्थल तक पहुंची, जहां अंतिम संस्कार किया गया। यह दीक्षा आचार्य वर्धमान सागर महाराज के 36 वर्षीय आचार्य काल की 117वीं दीक्षा थी। विशेष बात यह रही कि मुनि विशाल सागर महाराज की गृहस्थ अवस्था की पत्नी वर्तमान में श्री विचक्षण मति माताजी के रूप में संघ में हैं, और सासू मां ने भी पूर्व में दीक्षा ली थी। किशनगढ़ में 2015 में उन्होंने क्षुल्लक दीक्षा ली थी। इस अवसर पर समाज के प्रमुख पदाधिकारी जैसे अध्यक्ष पदम चंद आंडरा, मंत्री महावीर प्रसाद देवली, चातुर्मास कमेटी अध्यक्ष भागचंद फुलेता, धर्मचंद दाखिया, राजेश सर्राफ, नरेंद्र छामुनिया सहित अनेक श्रद्धालु व समाजजन उपस्थित रहे।













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