समाज सेवी मनोज जैन (नेकी की दीवार) की माताजी मुरेना जैन समाज की वयोवृद्ध त्यागिवर्ती, सप्तम प्रतिमाधारी श्रीमती भगवान देवी जैन के देवलोकगमन पर अग्रसेन पार्क जीबाजी गंज मुरैना में विनयांजलि सभा का आयोजन किया गया। पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट…
मुरैना। जिसने जन्म लिया है, उसका मरण निश्चित है। आत्मा अजर व अमर है। आत्मा कभी मरती या नष्ट नहीं होती। आत्मा तो केवल शरीर परिवर्तित करती है। आत्मा को पहचानना ही धर्म है। धन से, बाहरी आडम्बरों से, बाहर के क्रिया -कांडों से धर्म नहीं आता। हमें अपने आपको धर्म में, आत्मा स्वीकार करने से, आत्मा आने से वह धर्ममय कहलाता है। जीव कोई भी हो, उसे एक न एक दिन इस नश्वर संसार को त्यागना ही होता है। फिर हम उस जीव के जाने पर रोना-धोना क्यों करते हैं। यही हमारी अज्ञानता है। दुखों को मिटाने के लिए आत्मा को पहचानना जरूरी है। यह बात तत्ववेत्ता पंडित पदमचन्द जैन दानाओली लश्कर ने श्रीमती भगवानदेवी जैन के देवलोकगमन पर अग्रसेन पार्क, जीबाजी गंज मुरैना में आयोजित विनयांजलि सभा में कही।
कर रही थीं संयम की साधना
समाज सेवी मनोज जैन (नेकी की दीवार) की माताजी मुरेना जैन समाज की वयोवृद्ध त्यागिवर्ती, सप्तम प्रतिमाधारी श्रीमती भगवान देवी जैन के देवलोकगमन पर अग्रसेन पार्क जीबाजी गंज मुरैना में विनयांजलि सभा का आयोजन किया गया। विनयांजलि सभा में राजेन्द्र भण्डारी ने कहा कि श्रीमती भगवानदेवी जैन एक धार्मिक विदुषी महिला थीं। वह परिवार में रहकर भी संयम की साधना कर रही थीं। प्रतिदिन देव शास्त्र गुरु की भक्ति, आराधना एवं प्रार्थना करना उनकी दिनचर्या में शामिल था। विनयांजलि सभा में मुरैना विधायक राकेश मावई, भाजपा जिलाध्यक्ष योगेशपाल गुप्ता, अम्बाह नगर पालिका अध्यक्षा अंजली जिनेश जैन, नगर निगम आयुक्त संजीव जैन, पूर्व मंत्री मुंशीलाल, शिवमंगल सिंह तोमर, चंद्रप्रकाश शिवहरे, रमेशचंद विरला, गजेंद्र परमार, गोविंद बंसल, राजेन्द्र गोयल, मोहनलाल गर्ग, प्रकाश अग्रवाल सीए, श्याम, अग्रवाल सीए, विशनलाल गर्ग, केदार शिवहरे, श्याम खंडेलवाल, संदीप शर्मा एडवोकेट, रवि गुप्ता पत्रकार, अवधेश दंडोतिया पत्रकार, उपेंद्र गौतम, प्रदीप अवस्थी पत्रकार, देवेश शर्मा पत्रकार, श्रीनिवास शर्मा पत्रकार, अनिल गोयल अली, राजेश शर्मा बाबूजी सहित बहुतायत संख्या में नगर के समाजसेवी, उद्योगपति, पत्रकारबन्धु उपस्थित थे।













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