कितना जानते हैं आप जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर को, तो आइए एक नजर में जाने वर्धमान को। महावीर स्वामी के जन्मकल्याणक के पावन पर अवसर तुष्टि कीर्तेश जैन, घाटोल की प्रस्तुति…
• नाम : महावीर स्वामी
• पिता का नाम : सिद्धार्थ
• माता का नाम : त्रिशला (प्रियदर्शिनी)
• कुल : नाथ वंश
• गर्भ कल्याणक स्थान : कुण्डलपुर
• तिथि : आषाढ़ सुदी छठ
• नक्षत्र : उत्तराषाढ़
• जन्म कल्याणक स्थान : कुण्डलपुर
• तिथि : चैत्र सुदी तेरस
• नक्षत्र : उत्तरा फाल्गुनी
• राशि : कन्या
• चिह्न (लक्षण) : सिंह
• वर्ण : स्वर्ण
• शरीर की ऊंचाई : सात हाथ
• वैराग्य का कारण : जाति स्मरण होना
• तिथि : मंगसिर बदी दशमी
• नक्षत्र : उत्तरा फाल्गुनी
• कितने राजाओं ने संग दीक्षा ली : कोई नहीं
• उपवास का नियम : तीन दिन
• प्रथम आहार दीक्षा के कितने दिन बाद : 3
• स्थान : कुंडलपुर
• आहार देने वाले राजा का नाम : नंदन
• आहार की वस्तु : गाय के दूध की खीर
• केवलज्ञान से पूर्व उपवास : 2
• तपस्या काल : 42वर्ष
• केवलज्ञान कल्याणक तिथि : बैसाख सुदी दशमी
• समय : प्रातः काल
• नक्षत्र : मघा
• स्थान : रजकुलातिर पुरी
• वन : ऋजुकुलातीर
• वृक्ष : शाल तरु
• समवशरण विस्तार (योजन में) : 1
• विस्तार (कोस में) : 4
• कुल गणधर : 11
• मुख्य गणधर : इंद्रभूति गौतम
• मुख्य आर्यिका : चंदनबाला जी
• मुख्य श्रोता : श्रेणिक
• मोक्ष कल्याणक तिथि : कार्तिक बदी अमावस
• समय : अन्तिमरात्रि
• स्थान : पावापुरी
• नक्षत्र : स्वाति
• आसन : खडगासन
• आयु : 72 वर्ष













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