समाचार

परिस्थिति कितनी भी कठिन हो, मनोस्थिति न बदलें – मुनि श्री विशल्य सागर महाराज

 

झुमरीतिलैया। श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में झारखंड राज्य के राजकीय अतिथि परम पूज्य मुनि श्री 108 विशल्य सागर जी महाराज के परम सानिध्य में बुधवार, मगसिर अमावस्या को श्री शांति नाथ भगवान की प्रतिमा पर अभिषेक एवं शांतिधारा समाज के पदाधिकारीगण ने किया|

इसके पश्चात मुनि श्री का पाद प्रक्षालन समाज के गणमान्य ब्यक्तिओं ने किया। इसके बाद मुनि श्री का मंगल उद्बोधन हुआ, जिसमें उन्होंने कहा कि सुंदर स्वभाव के मालिक बनो।

हमारे जीवन में प्रगति कैसे हो, कैसे ऊंचाई को पाएं।उन्नति जीवन का सूत्र होना चाहिए, अवनति का नहीं। संकल्प बहुत बड़ी चीज है।

संकल्प जीवन में प्रतिभा को जगाता है, संकल्प जीवन को महान बनाता है, जितने भी महापुरुष हुए, वे संकल्प से हुए। पू. गुरुदेव ने अपने उद्बोधन में कहा कि साधना का मार्ग ,आराधना का मार्ग इच्छा शक्ति पर टिका है। परिस्थिति सामने कितनी भी कठिन हो, लेकिन मनः स्थिति नहीं बदलना ही सबसे बड़ी साधना है।

प्रथमानुयोग (धर्म) का स्वाध्याय करने से इच्छा शक्ति बढ़ती है। संघर्ष को जो संग + हर्ष के साथ लेकर चलता है, वह संघर्ष है। एक नदी सागर बन जाती है संघर्ष के साथ, संकल्प के साथ। एक झरना भी नदी बन जाता है संकल्प के साथ, संघर्ष के साथ।जीवन को विराट बनाने के लिए समतामयी संघर्ष जरूरी है। एक बूंद भी सागर बनती है संघर्ष से। परिस्थिति का स्वागत करेंगे तो दुख कम हो जाएंगे।

जीवन में उजाला पाना है, अच्छा बनाना है तो स्वयं को देखो, स्वयं को लिखना सीखो।

स्वयं की कमजोरी देखोगे तो कामयाबी मिलेगी।

कमी एक व्यक्ति में दिख जाए तो उससे बात कर लो। यदि दुनिया में कमी दिख जाए तो खुद से बात कर लो।

  1. कभी -कभी खुद पर उगुंली उठाना सीखो, तुम खुद खोदोगे तो खुदा बन जाओगे।

गुरु के पास लघु बनके जाओगे तो रघु (प्रभु)बन जाओगे।उच्चासन उच्च व्यक्ति को मिलता है। उच्चासन पाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है।

उच्चासन पाने के लिए उच्च आचरण चाहिए। एक व्यक्ति गुलाब के पास से गुजरा तो बोला कितने कांटे हैं, वही व्यक्ति थोड़ा आगे बढ़ा तो सामने समुद्र दिखा तो बोला तुम तो गहरे हो पर पानी खारा है फिर आगे बढ़ा तो कोयल को देखा तो बोला तुम्हारी आवाज तो मीठी पर तुम काली हो।

यही आदत अच्छे स्वभाव के मालिक नहीं बनने देती। इस अवसर पर समाज के सभी महिला और पुरुष उपस्थित थे।

यह जानकारी कोडरमा मीडिया प्रभारी नवीन जैन और राज कुमार अजमेरा ने दी।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

You cannot copy content of this page