जिनसेन भट्टारक महास्वामीजी नांदणी के उपस्थिती में नांद्रे में मुनि श्री सारस्वत सागर जी महाराज ससंघ का पावन मंगल कलश स्थापना समारोह संपन्न हुआ। नांद्रे से अभिषेक पाटील की पढ़िए, यह खबर…
नांद्रे (महाराष्ट्र )। अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद कोल्हापुर के कार्याध्यक्ष अभिषेक अशोक पाटील, कोल्हापुर ने कहा कि पट्टाचार्य विशुद्धसागर महाराज जी के शिष्य मुनि श्री सारस्वत सागर जी महाराज, मुनि श्री जयंत सागर जी महाराज, मुनि श्री सिद्ध सागर जी महाराज और क्षुल्लक श्रुतसागर महाराज जी भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान हैं। जिनसेन भट्टारक महास्वामीजी नांदणी के उपस्थिती में नांद्रे में मुनि श्री सारस्वत सागर जी महाराज ससंघ का पावन मंगल कलश स्थापना समारोह संपन्न हुआ। मुनि श्री सिद्ध सागर महाराज ने कहा कि वर्षाऋतु में पृथ्वी पर सूक्ष्म जीव हरियाली आदि उत्पन्न हो जाते है, उनकी रक्षा के लिए योगी चार्तुमास करते हैं।
बोली के माध्यम से कलश श्री जिन देशना वर्षायोग 2025 प्रथम मंगल कलश का सौभाग्य मनोज पाटील परिवार को प्राप्त हुआ। द्वितीय मंगल कलश का सौभाग्य जिनेश्वर पाटील परिवार को प्राप्त हुआ। तृतीय मंगल कलश का सौभाग्य नरसगोंडा पाचोरे परिवार को प्राप्त हुआ। चतुर्थ मंगल कलश का सौभाग्य सुधीर भोरे परिवार को प्राप्त हुआ। पांचवां मंगल कलश का सौभाग्य अमोल रावसाहेब पाटील परिवार को प्राप्त हुआ। छटा मंगल कलश का सौभाग्य सुरगोंडा पाटील इंगळे परिवार को प्राप्त हुआ। सातवां सारस्वत जयंत सिद्ध श्रुत मंगल चातुर्मास स्थापना कलश का सौभाग्य पंकज जैन ,भरत जैन, टीया जैन परिवार बडौत ( उत्तरप्रदेश) को प्राप्त हुआ।
दादा साहेब धन्यकुमार पाटील ने पाद प्रक्षालन की बोली ली, दीपक पाटील मोनू ने शास्त्र भेंट की बोली ली और जाप्यमाला भेंट करने की बोली इब्राहिम जमादार और सुहास पाटील वसगडे इन ने ली। संगीतकार सुयोग पाटील, प्रतिष्ठाचार्य अनिल कलाजे और दादासाहेब पाटील द्वारा बोली के लिए विशेष प्रयत्न किया। कार्यक्रम के लिए नांद्रे, सांगली, कोल्हापुर, नांदणी के श्रावक- श्राविका उपस्थित थे।













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