जैन धर्म के 16वें तीर्थंकर भगवान श्री शांतिनाथ भगवान का जन्म, तप, मोक्ष कल्याणक सोमवार को नगर के जैन मंदिर में मनाया। इस अवसर पर अभिषेक और शांतिधारा की गई। धामनोद से पढ़िए, दीपक प्रधान की यह खबर…
धामनोद। जैन धर्म के 16वें तीर्थंकर भगवान श्री शांतिनाथ भगवान का जन्म, तप, मोक्ष कल्याणक सोमवार को नगर के जैन मंदिर में मनाया। इस अवसर पर अभिषेक और शांतिधारा की गई। सोमवार को जैन मंदिर में प्रातः से श्रावक-श्राविकाओं का आना शुरू हो गया था। प्रातः भगवान के कल्याणक के अवसर पर एक स्वर्ण कलश की बोली और रजत कलश से शांतिधारा करने का सौभाग्य नरेंद्र जैन बड़वेल ने और भगवान शांतिनाथ के मस्तक पर शांतिधारा करने का सौभाग्य त्रिशला अमित जैन अमेरिका को मिला। सभी उपस्थित इंद्र ने भी अभिषेक किया। आज भगवान के मोक्ष कल्याणक पर निर्वाण कांड सामूहिक बोलकर लाडु और गोटे नारियल श्री सम्मेदशिखर जी की कुंद प्रभ कूट की कल्पना कर भगवान के श्रीचरणों में अर्पितकर भगवान से प्रार्थना की गई।
उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं ने जैसे आपने अपना नश्वर त्याग कर सिद्ध शिला पर विराजमान हो गए। आपने संसार में जन्म मरण का त्याग हो गया। ऐसी भावना हम भी भाते हैं। भारी संख्या में समाजजन उपस्थित था। यह जानकारी राजेश जैन, पीयूष जैन, सुनील जैन ने दी। पंडित नितिन जैन, दीपांशु जैन का भी सराहनीय सहयोग रहा।













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