टिकटोली जैन तीर्थ को मुनिश्री विलोक सागर महाराज ने एक अलौकिक अतिशय क्षेत्र बताते हुए कहा कि यह पावन भूमि “जंगल में मंगल” की भावना को साकार करती है। क्षेत्र का कण-कण पवित्र है और यहां का प्राकृतिक, आध्यात्मिक सौंदर्य सभी का मन मोह लेता है। पढ़िए मनोज जैन नायक की विशेष रिपोर्ट…
मुरैना/टिकटोली। मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में स्थित टिकटोली जैन तीर्थ को मुनिश्री विलोक सागर महाराज ने एक अलौकिक अतिशय क्षेत्र बताते हुए कहा कि यह पावन भूमि “जंगल में मंगल” की भावना को साकार करती है। क्षेत्र का कण-कण पवित्र है और यहां का प्राकृतिक, आध्यात्मिक सौंदर्य सभी का मन मोह लेता है। भगवान शांतिनाथ की तपोभूमि कहे जाने वाले इस क्षेत्र में विराजमान प्रतिमा के दर्शन मात्र से शांति की अनुभूति होती है। मुनिश्री ने कहा कि आचार्यश्री 108 विद्यासागर महाराज के विशेष आशीर्वाद से यह क्षेत्र विकास की ओर अग्रसर हुआ है। उन्होंने मुनि श्री अजीत सागर महाराज को यहाँ चातुर्मास हेतु भेजकर क्षेत्र के महत्व को और भी प्रतिष्ठित किया। मुनिश्री विलोक सागर महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा, “इस क्षेत्र के विकास के लिए समाज को संगठित होकर कार्य करना होगा। हमारा आशीर्वाद इस पुण्य कार्य में सदैव आपके साथ है।”
मुनि संघ का मंगल प्रवेश और शोभायात्रा
पूज्य मुनिश्री विलोक सागर एवं विबोध सागर महाराज का भव्य मंगल प्रवेश श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन परमोदय अतिशय क्षेत्र टिकटोली (दूमदार) में संपन्न हुआ। क्षेत्र समिति के अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी, महामंत्री ओमप्रकाश जैन एवं कोषाध्यक्ष एडवोकेट दिनेशचंद बरैया ने सीमा पर पहुंचकर मुनि संघ की अगवानी की। ढोल-नगाड़ों, धर्मध्वजाओं और जयघोषों के साथ शोभायात्रा निकाली गई।
महामस्तकाभिषेक का दिव्य आयोजन
मुनिराजों के सान्निध्य में मूलनायक भगवान शांतिनाथ स्वामी का महामस्तकाभिषेक बड़े ही भक्तिभाव और श्रद्धा से संपन्न हुआ।
शांतिधारा का सौभाग्य राजेंद्र भंडारी, साकेत भंडारी (मुरैना), करणसिंह व योगेंद्रकुमार जैन (मुरैना), पंकज जैन मेडिकल, महावीर विमल जैन को प्राप्त हुआ। वहीं
प्रथम कलशाभिषेक का सौभाग्य ओमप्रकाश व दिलीप जैन (जौरा) को मिला। अन्य कलशाभिषेककर्ता देवीराम व चंद्रप्रकाश (जौरा), एडवोकेट दिनेशचंद जैन, डॉ. मनोजकुमार व अक्षयकुमार (मुरैना) रहे।
जौरा की ओर हुआ मंगल विहार
रविवार 8 जून की सायं 5 बजे पूज्य मुनिराजों ने टिकटोली से जौरा की ओर मंगल विहार किया। सोमवार को मुनि संघ की आहारचर्या जौरा में सम्पन्न होगी।
श्रद्धालुओं के लिए व्यापक व्यवस्था
इस पावन अवसर पर मुरैना, जौरा, धौलपुर, बानमौर सहित अनेक क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन समिति द्वारा सभी आगंतुकों के लिए भोजन एवं आवास की समुचित व्यवस्था की गई थी।













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