जैन मिलन महिला मुरैना द्वारा वर्ष 2025-26 के जैन तीर्थ रक्षा अभियान के अंतर्गत धार्मिक और सेवा कार्यक्रम किया। श्री चंदा प्रभु दिगंबर जैन मंदिर, लोहिया बाजार में श्रीजी के अभिषेक, शांतिधारा और पूजा के साथ हुई। जिसमें सदस्यों ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। गर्मी से राहत पहुंचाने हेतु राहगीरों, दुकानदारों और समाजजनों को गन्ने के रस का निःशुल्क वितरण किया गया। अंबाह से पढ़िए, अजय जैन की यह खबर…
अंबाह/मुरैना। जैन मिलन महिला मुरैना द्वारा वर्ष 2025-26 के जैन तीर्थ रक्षा अभियान के अंतर्गत धार्मिक और सेवा कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8 बजे श्री चंदा प्रभु दिगंबर जैन मंदिर, लोहिया बाजार में श्रीजी के अभिषेक, शांतिधारा और पूजा के साथ हुई। जिसमें सदस्यों ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। पूजन के उपरांत सुबह 10 बजे मंदिर परिसर में गर्मी से राहत पहुंचाने हेतु राहगीरों, दुकानदारों और समाजजनों को गन्ने के रस का निःशुल्क वितरण किया गया। इस दौरान सरिता जैन ने कहा कि जैन तीर्थ रक्षा अभियान केवल एक पहल नहीं, यह एक धर्म-संरक्षण का संकल्प है। यह हमारे उन तीर्थों की रक्षा की पुकार है, जहाँ सहस्त्रों वर्षों से तप, साधना और आत्मकल्याण की ऊर्जा संचित है। जिन तीर्थों पर साधु संत व आर्यिका माताएं निर्विघ्न तप करती हैं, संत आत्म-शुद्धि का मार्ग खोजते हैं। वह स्थल केवल पत्थर नहीं, हमारे इतिहास, आस्था और अध्यात्म की जीवंत गाथा हैं। हर जैन श्रद्धालु का यह कर्तव्य है कि वह इन पवित्र स्थलों की रक्षा में अपनी भागीदारी निभाए। उन्होंने कहा कि यह अभियान हमें हमारी जड़ों से जोड़ता है, हमारी पहचान को मजबूती देता है। हम यदि आज प्रयास नहीं करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियाँ केवल पुस्तकों में तीर्थ देख पाएंगी। जिन स्थलों पर तीर्थंकरों के चरण पड़े, उन्हें संरक्षित रखना हमारी सर्वाेच्च भक्ति है। यह अभियान धर्म, समाज और संस्कृति तीनों की रक्षा का संगम है।
हमारा प्रयास, हमारी आस्था की अमिट छाप छोड़ेगा
सपना जैन ने कहा कि तीर्थ सेवा, तीर्थ सुरक्षा और तीर्थ संवर्धनकृतीनों को समर्पित यह प्रयास,केवल निर्माण नहीं, संस्कारों की नींव रखने का माध्यम है।यह आह्वान है हर युवक-युवती, हर परिवार, हर संस्था के लिए।उन्होंने कहा जैन तीर्थों की रक्षा करके हम जिनवाणी और जिन शासन की सेवा कर रहे हैं। हमें गर्व है कि हम इस अभियान का हिस्सा हैं। हमारा प्रयास, हमारी आस्था की अमिट छाप छोड़ेगा। जब तक एक भी श्रद्धालु जीवित है, तीर्थ रक्षा का दीप प्रज्वलित रहेगा। यह दीपक केवल प्रकाश नहीं देगा, बल्कि धर्म की लौ को जलाए रखेगा।जिन शासन की गरिमा बनी रहे। यही है जैन तीर्थ रक्षा अभियान का मूल उद्देश्य है और हम सब इसकी रक्षा हेतु सदैव संकल्पित हैं। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था की पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने तन, मन, धन से भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम में यह सभी उपस्थित रहे
सह कोषाध्यक्ष सरिता जैन, चेयरपर्सन बबीता जैन, अध्यक्ष सपना जैन, मंत्री कल्पना जैन, कोषाध्यक्ष शीतल जैन, सीमा जैन, श्वेता जैन, बबीता जैन, शालु जैन, प्रीति जैन, ऊषा जैन, सुप्रिया जैन (वर्धमान जैन मिलन अध्यक्ष), निधि जैन, आरती जैन, सीमा जैन सहित सभी सदस्य व परिवारजन उपस्थित रहे। सरिता जैन ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य केवल धर्म आराधना तक सीमित न रहकर, समाज में सेवा, समर्पण, करुणा और संस्कार की भावना को जाग्रत करना था। अध्यक्ष वीरांगना सपना जैन, मंत्री वीरांगना कल्पना जैन और कोषाध्यक्ष वीरांगना शीतल जैन ने सभी सहयोगियों का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया और भविष्य में भी ऐसे आयोजन जारी रखने की बात कही। अध्यक्ष सपना जैन ने कहा कि धर्म, सेवा और परंपरा एक साथ जुड़ते हैं, तब हर कार्य स्वयं में तीर्थ बन जाता है। जैन तीर्थ रक्षा अभियान के अंतर्गत आयोजित यह सेवा कार्यक्रम न केवल हमारी आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में करुणा, दया और सह-अस्तित्व का संदेश भी देता है। हम सभी का यह प्रयास रहे कि धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ समाज के लिए उपयोगी सेवाएं भी निरंतर होती रहें। यही सच्ची श्रद्धा, सच्चा धर्म और सच्चा योगदान है।













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