जैन अतिशय तीर्थ क्षेत्र सिहोनिया में निर्माणाधीन भव्य नवीन जिन मंदिर का कार्य तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। यह मंदिर दिल्ली निवासी स्वर्गीय चौधरी इंद्रभान सिंह के सुपुत्र मोहित जैन चीकू चौधरी अपनी माताजी मुन्नी देवी की श्रद्धा भावना से प्रेरित होकर बनवा रहे हैं। अंबाह से पढ़िए, अजय जैन की यह खबर…
अंबाह। धार्मिक आस्था, सेवा भावना और सामाजिक समर्पण का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करते हुए जैन अतिशय तीर्थ क्षेत्र सिहोनिया में निर्माणाधीन भव्य नवीन जिन मंदिर का कार्य तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। यह मंदिर दिल्ली निवासी स्वर्गीय चौधरी इंद्रभान सिंह के सुपुत्र मोहित जैन चीकू चौधरी द्वारा अपनी माताजी मुन्नी देवी की श्रद्धा भावना से प्रेरित होकर बनवाया जा रहा है। यह निर्माण कार्य क्षेत्र में न केवल धार्मिक चेतना को सुदृढ़ कर रहा है, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी एक नई दिशा देने वाला सिद्ध हो रहा है। मंदिर में भगवान चंदाप्रभु की मूल प्रतिमा के साथ-साथ भगवान पार्श्वनाथ एवं भगवान मुनि सुव्रतनाथ की प्रतिमाएं श्रद्धापूर्वक स्थापित की गई हैं। इन प्रतिमाओं को आचार्य वसुनंदी जी महाराज द्वारा फरवरी माह में पंचकल्याणक महोत्सव के दौरान सूर्य मंत्र प्रदान किया गया था। मंदिर की वास्तुकला अत्यंत भव्य और कलात्मक है। इसमें 15 फीट ऊंचाई के दो भव्य शिखर एवं एक 21 फीट ऊंचा मुख्य शिखर निर्माणाधीन है, जो दूर से ही श्रद्धालुओं को आस्था से नतमस्तक होने के लिए प्रेरित करेगा। मोहित जैन चीकू के अनुसार आगामी नवंबर माह तक यह मंदिर पूर्ण रूप ले लेगा और इसके साथ ही एक भव्य धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन भी किया जाएगा।
मोहित जैन चौधरी ने बताया कि उनके माता-पिता भगवान शांतिनाथ के दर्शन हेतु सिहोनिया तीर्थ पर अक्सर आया करते थे। इसी दौरान आचार्य वसुनंदी जी महाराज और मंदिर समिति के प्रमुख जिनेश जैन ने उनसे आग्रह किया कि सिहोनिया में भगवान चंदाप्रभु का एक भव्य मंदिर होना चाहिए। इसी प्रेरणा को मूर्त रूप देते हुए यह निर्माण कार्य आरंभ किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि आचार्य वसुनंदी जी के निर्देशानुसार मंदिर में दो अन्य प्राचीन जैन तीर्थंकरो प्रतिमाएं भी स्थापित की जाएंगी।
मान स्तंभ होगा विशेष आकर्षण:
मंदिर परिसर का एक अन्य प्रमुख धार्मिक आकर्षण विशाल मान स्तंभ है। लगभग चार वर्ष पूर्व आई तेज आंधी के कारण पहले बना मानस्तंभ क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके पुनर्निर्माण की दिशा में निर्णायक पहल करते हुए पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष और मंदिर समिति के प्रमुख जिनेश जैन के नेतृत्व में देशभर के जैन समाज का सहयोग प्राप्त किया गया। तब करीब 1 करोड़ रुपये की लागत से जयपुर के कुशल कारीगरों द्वारा पुनः निर्मित किया गया है। जैन संत शिवानंद जी, प्रश्मानन्द जी महाराज के पावन सान्निध्य में नवंबर माह में इस मान स्तंभ पर मूर्ति स्थापना समारोह आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में देशभर से जैन अनुयायियों के आने की संभावना है। यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक महत्व का होगा, बल्कि समाज में एकता, श्रद्धा और सेवा का संदेश भी प्रसारित करेगा।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा:
कमेटी के जिनेश जैन ने बताया कि मंदिर क्षेत्र को धार्मिक तीर्थ के साथ-साथ पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास लगातार जारी है। मंदिर परिसर में पार्कों का निर्माण, हरियाली का विस्तार, तथा श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। इसका उद्देश्य यह है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को एक साथ भक्ति, आस्था और शांति का अनुभव प्राप्त हो।
जैन समाज में उत्साह
समिति के आशीष जैन सोनू ने बताया कि सिहोनिया अतिशय क्षेत्र, जहां पहले से भगवान शांतिनाथ की भव्य प्रतिमा के कारण श्रद्धा का केंद्र रहा है, वही अब नवीन मंदिर और मान स्तंभ की स्थापना के साथ यह और भी समृद्ध धार्मिक केंद्र बन रहा है। यहां पर होने वाले आगामी अनुष्ठानों को लेकर न केवल स्थानीय श्रद्धालुओं में, बल्कि देशभर के जैन समाज में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।













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