मुरैना के जैन संस्कृत विद्यालय में 06 से 12 अगस्त तक संस्कृत सप्ताह का आयोजन महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान, भोपाल के तत्वावधान में संपन्न हुआ। पूरे सप्ताह विभिन्न सांस्कृतिक, शैक्षणिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। पढ़िए मनोज जैन नायक की ख़ास रिपोर्ट…
मुरैना के 125 वर्ष प्राचीन जैन संस्कृत विद्यालय में 06 अगस्त से 12 अगस्त तक संस्कृत सप्ताह का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान, भोपाल के तत्वावधान में किया गया। संस्कृत सप्ताह के अंतर्गत रक्षाबंधन एवं श्रावण मास की पूर्णिमा को संस्कृत दिवस के रूप में मनाया गया।
सप्ताह भर चले इस आयोजन में वक्ताओं ने संस्कृत भाषा को भारत की आत्मा बताते हुए कहा कि यह न केवल वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि संगणक के लिए भी सर्वाधिक उपयुक्त भाषा है। वेद, शास्त्र, पुराण, उपनिषद और भारतीय संस्कृति के अध्ययन हेतु संस्कृत का ज्ञान अत्यंत आवश्यक बताया गया। कार्यक्रम के पहले दिन सभी को तिलक लगाकर एवं सोशल मीडिया के माध्यम से शुभकामनाएं दी गईं।
विभिन्न दिन ये हुए कार्यक्रम
दूसरे दिन दिनाचरण एवं संस्कृत गीत प्रतियोगिता, तीसरे दिन सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और शैक्षणिक विषयों पर संस्कृत में व्याख्यान आयोजित हुआ। चौथे दिन श्रावणी उपाक्रम, वेद पूजन और वेद पाठ किया गया। पांचवे दिन विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में संपर्क कर पत्राचार द्वारा संस्कृत शिक्षण की जानकारी दी गई। छठे दिन संस्कृत क्रीड़ोत्सव, प्रतियोगिताएं और संस्कृत संध्या का आयोजन हुआ। सातवें और अंतिम दिन विद्वानों के वक्तव्य के साथ संस्कृत सप्ताह का समापन हुआ। संस्कृत सप्ताह 2025 में जैन संस्कृत विद्यालय के सभी छात्रों ने पूरे उत्साह और भागीदारी के साथ सभी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।













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