दिगंबर जैन समाज का प्रमुख पर्व पर्यूषण अंबाह में पंचमी से शुरू हो गया है। जैन मंदिरों में कलशाभिषेक, पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। यह पर्व संयम, आत्मशुद्धि और क्षमा का संदेश लेकर समाज को धर्ममय वातावरण प्रदान करेगा। पढ़िए अजय जैन की ख़ास रिपोर्ट…
अंबाह। दिगंबर जैन समाज का प्रमुख पर्व पर्यूषण 28 अगस्त को पंचमी से प्रारंभ हुआ। भाद्रपद मास की शुरुआत से ही नगर के बड़े दिगंबर जैन मंदिर और परेड़ जैन मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम चल रहे हैं। समाज के कपिल जैन (केपी) ने बताया कि मंदिरों में प्रतिदिन विशेष धार्मिक आयोजन होंगे, जिनमें श्रद्धालु भगवान का कलशाभिषेक कर पूजा-अर्चना, स्वाध्याय और प्रवचन श्रवण करेंगे। भादो मास की शुरुआत के साथ ही समाज के बच्चे और युवा भी नियमित रूप से मंदिर आकर धर्म साधना में सहभागी हो रहे हैं।
संयम, साधना और क्षमा का संदेश
पर्यूषण पर्व को आत्मशुद्धि, संयम और त्याग का पर्व माना जाता है। इस दौरान जैन श्रावक व्रत, उपवास और तपस्या कर अपने जीवन को धर्ममय बनाने का संकल्प लेते हैं। पर्व के पहले दिन उत्तम क्षमा धर्म की विशेष आराधना की गई, जहां श्रद्धालुओं ने आपसी सद्भाव और क्षमा याचना का संदेश दिया। आगामी दस दिनों तक चलने वाले इस पर्व में जैन समाज संयम, साधना और क्षमा का संदेश समाज में फैलाएगा।













Add Comment