वर्तमान लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय राजनैतिक पार्टियों से जैन समाज की पुरजोर मांग है कि न केवल लोकसभा चुनाव में अपितु पार्टियों के संगठन में भी समाज को समुचित प्रतिनिधित्व दिया जाए। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट…
इंदौर। ज्ञातव्य है कि देश में जैन समाज के लगभग तीन करोड़ लोग निवासरत है। लगभग 12000 गौ शालाएं समाज द्वारा संचालित होती हैं। देश में एकत्रित होने वाले टैक्स का लगभग 24 प्रतिशत भाग जैन समाज द्वारा दिया जाता है। समाज में 99 प्रतिशत लोग शिक्षित हैं। लगभग 1500 जैन मंदिरों का संचालन समाज द्वारा किया जाता है। देश की अधिकांश शिक्षण संस्थाओं का संचालन भी समाज द्वारा किया जाता है। संविधान सभा में 6 जैन सदस्यों की भागीदारी थी। देश की प्रथम द्वितीय व तृतीय लोकसभा में जैन समाज के लगभग 50 सदस्य हुआ करते थे।
जैन राजनैतिक चेतना मंच की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और प्रदेश अध्यक्ष जैन सुभाष काला ने बताया कि मध्यप्रदेश की प्रथम 3 विधानसभाओं में भी समाज के 50से अधिक विधायक होते थे। जैन समाज के मध्यप्रदेश में कई मुख्य मंत्री भी रहे हैं। धीरे-धीरे राष्ट्रीय राजनैतिक पार्टियों में तथा लोकसभा राज्यसभा और विधानसभाओं में समाज का प्रतिनिधित्व समाप्त होता गया तथा क्या कारण है कि वर्तमान लोक सभा में समाज का कोई भी सदस्य नहीं है। वर्तमान लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय राजनैतिक पार्टियों से जैन समाज की पुरजोर मांग है कि न केवल लोकसभा चुनाव में अपितु पार्टियों के संगठन में भी समाज को समुचित प्रतिनिधित्व दिया जाए।













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